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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2026: तैयारियों का जायजा लेने पहुंची चुनाव आयोग की टीम, मुंबई में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक

इंडियन व्यू टीम मुंबई / नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के नेतृत्व में चुनाव आयोग की एक उच्च स्तरीय टीम आज मुंबई पहुंच गई है। राज्य की चुनावी तैयारियों की व्यापक समीक्षा के लिए आज आयोग ने मुंबई में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की एक अहम ‘सर्वदलीय बैठक’ (All-Party Meeting) बुलाई है।

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल इस साल के अंत में समाप्त हो रहा है, और माना जा रहा है कि अक्टूबर-नवंबर में यहां चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग की टीम आज राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी चिंताएं और सुझाव सुनेगी। सत्तारूढ़ ‘महायुति’ (Mahayuti – भाजपा, शिवसेना-शिंदे, एनसीपी-अजित पवार) और विपक्षी गठबंधन ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA – कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, एनसीपी-शरद पवार) दोनों के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल होंगे।

राजनीतिक दलों की बैठक के बाद, चुनाव आयोग राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ मैराथन समीक्षा बैठकें करेगा। इन बैठकों में कानून व्यवस्था की स्थिति, संवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा, ईवीएम (EVM) मशीनों के सुरक्षित भंडारण, और चुनाव के दौरान धन-बल (Money Power) और शराब के अवैध इस्तेमाल को रोकने की रणनीतियों पर गहन मंथन किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में मतदाता सूची (Electoral Rolls) के अंतिम प्रकाशन की स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

विपक्षी दल (MVA) इस बैठक में सत्ता पक्ष द्वारा सरकारी मशीनरी के संभावित दुरुपयोग, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और पुलिस अधिकारियों के हालिया तबादलों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और फेक न्यूज़ (Fake News) पर लगाम कसने की मांग करेगा। चुनाव आयोग की इस तीन दिवसीय यात्रा के पूरा होने के बाद ही महाराष्ट्र में चुनाव की तारीखों (Election Schedule) की घोषणा होने की संभावना तेज हो गई है, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा पहले से ही चढ़ा हुआ है।

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