मानसून सत्र: भारी हंगामे के बीच आज लोकसभा में ‘ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज रेगुलेशन बिल’ पेश करेगी सरकार, विपक्ष लामबंद
अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में आज का दिन बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्षी दलों के भारी विरोध और नारेबाजी के बीच केंद्र सरकार आज लोकसभा में बहुचर्चित और विवादित ‘ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज रेगुलेशन बिल, 2026’ (Broadcasting Services Regulation Bill) पेश करने की पूरी तैयारी में है। इस बिल को लेकर मीडिया जगत, डिजिटल क्रिएटर्स और विपक्षी राजनीतिक दलों के बीच पिछले कई हफ्तों से तीखी बहस चल रही है।
इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य टेलीविजन प्रसारण के साथ-साथ ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म्स, डिजिटल न्यूज़ पोर्टल्स और सोशल मीडिया पर समाचार या समसामयिक मामलों से जुड़ा कंटेंट बनाने वाले स्वतंत्र क्रिएटर्स को एक ही नियामक ढांचे (Regulatory Framework) के अंतर्गत लाना है। सरकार का तर्क है कि पुराने केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम, 1995 की जगह लेने वाला यह नया कानून डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने, कंटेंट में एकरूपता लाने और भ्रामक सूचनाओं (Misinformation) को रोकने के लिए अति आवश्यक है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री आज दोपहर सदन पटल पर इस विधेयक का मसौदा रखेंगे।
दूसरी ओर, ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के घटक दलों ने इस बिल को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) पर एक “सीधा हमला” करार दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस बिल की आड़ में डिजिटल मीडिया और स्वतंत्र यूट्यूबर्स (YouTubers) पर सेंसरशिप (Censorship) थोपना चाहती है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि बिल के प्रावधानों के तहत स्वतंत्र पत्रकारों को भी ‘डिजिटल न्यूज ब्रॉडकास्टर’ माना जाएगा, जिससे उन पर भारी अनुपालन बोझ (Compliance burden) पड़ेगा।
विपक्षी सांसदों ने आज सुबह संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस, टीएमसी और सपा सहित कई दलों ने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। इसके अलावा, कई प्रमुख डिजिटल अधिकार संगठनों और पत्रकार संघों ने भी सरकार से इस बिल को वापस लेने और व्यापक सार्वजनिक परामर्श (Public Consultation) के लिए इसे संसदीय स्थायी समिति (Standing Committee) के पास भेजने की मांग की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार आज इस भारी विरोध के बीच विधेयक को सदन में कैसे आगे बढ़ाती है।