आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी तंत्र मजबूत
पश्चिम बंगाल के बाद पूर्वोत्तर राज्यों में भी स्थापित होंगे नए एनआईए (NIA) सुरक्षा केंद्र

सरिता त्रिपाठी/ नई दिल्ली / कोलकाता: देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और उग्रवाद-रोधी क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के क्षेत्रीय नेटवर्क के अभूतपूर्व विस्तार की योजना बनाई है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता (न्यू टाउन) में राज्य के पहले समर्पित एनआईए पुलिस स्टेशन के सफल गठन के बाद, अब गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर के सीमावर्ती राज्यों में भी नए एनआईए सुरक्षा केंद्र और क्षेत्रीय थानों की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों (जैसे असम, मणिपुर, नगालैंड और त्रिपुरा) में अवैध घुसपैठ, सीमा पार से हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी और चरमपंथी गुटों की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक एकीकृत जांच नेटवर्क की भारी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नए एनआईए पुलिस स्टेशनों के खुल जाने से जांच एजेंसी को स्थानीय स्तर पर सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने, छापेमारी करने और त्वरित जांच संचालित करने के पूर्ण वैधानिक अधिकार मिल जाएंगे, जिससे दिल्ली मुख्यालय पर निर्भरता खत्म होगी।
गृह मंत्रालय का मानना है कि मुंबई, चेन्नई, कोच्चि, इंफाल और कोलकाता की तर्ज पर पूर्वोत्तर के रणनीतिक इलाकों में एनआईए की सीधी मौजूदगी से राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उत्पन्न खतरों पर जीरो-टॉलरेंस नीति लागू करने में मदद मिलेगी। इस पहल से न केवल उग्रवादी नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों (Terror Funding) को ध्वस्त किया जा सकेगा, बल्कि पड़ोसी देशों से संचालित होने वाले साइबर अपराध और जासूसी सिंडिकेट्स पर भी नकेल कसी जा सकेगी।



