वैश्विक समुद्री मार्गों पर बढ़ता खतरा
जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूएनएससी (UNSC) ने बुलाई आपात बैठक

इंडियन व्यू टीम/ न्यूयॉर्क / नई दिल्ली: लाल सागर (Red Sea), होर्मुज जलडमरूमध्य और हाल ही में भूमध्य सागर के डामिएटा पोर्ट पर हुए हमलों के बाद वैश्विक समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इन लगातार बिगड़ते हालातों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक अहम आपात बैठक (Emergency Meeting) बुलाई गई है।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) की सुरक्षा के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करना है, जो हाल के महीनों में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का शिकार हो रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण चोकप्वाइंट्स (Chokepoints) के बंद होने या बाधित होने से वैश्विक तेल व्यापार और सप्लाई चेन बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हाल ही में यमन के हूती (Houthi) विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों (Encelia और Layla) पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था।
सुरक्षा परिषद की बैठक में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) और वैश्विक व्यापार मार्गों को किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखा जाए। इसके अलावा, ‘मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस अलायंस’ (Multinational Maritime Defence Alliance) जैसे क्षेत्रीय सुरक्षा गठबंधनों के महत्व और समुद्री गश्त को बढ़ाने पर भी गंभीर चर्चा की गई। संयुक्त राष्ट्र महासचिव और विभिन्न सदस्य देशों ने समुद्री मार्गों पर बल प्रयोग और हमलों को तत्काल रोकने का कड़ा आह्वान किया है।



