मौसम अलर्ट: केरल और कर्नाटक में भारी बारिश का कहर जारी, मौसम विभाग ने तटीय जिलों के लिए जारी किया ‘रेड अलर्ट’
विवेक ओझा/ तिरुवनंतपुरम / बेंगलुरु: दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों—केरल और कर्नाटक—में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने दोनों राज्यों के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज केरल और तटीय कर्नाटक के कई जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) जारी कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी है।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, अरब सागर के ऊपर बने एक मजबूत निम्न दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के कारण इन राज्यों में अगले 48 घंटों तक ‘अत्यधिक भारी बारिश’ (Extremely Heavy Rainfall) होने की आशंका है। केरल के एर्नाकुलम, वायनाड, कोझिकोड, इडुक्की और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, कर्नाटक में तटीय जिलों—दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़—के साथ-साथ मलनाड क्षेत्र (Malnad region) में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों राज्यों की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे हजारों घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। इडुक्की और वायनाड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) की कई छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं, जिसके कारण कई प्रमुख सड़कें ब्लॉक हो गई हैं और यातायात बाधित है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिसके चलते मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए दोनों राज्य सरकारों ने युद्धस्तर पर तैयारियां की हैं। केरल और कर्नाटक के संवेदनशील जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कई टीमों को तैनात किया गया है। निचले इलाकों में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों (Relief Camps) में पहुंचाया जा रहा है। एहतियात के तौर पर प्रभावित जिलों में सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में आज छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।