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झांसी में ईडी (ED) का बड़ा एक्शन: पूर्व सपा विधायक के आवास से 10 हजार से अधिक अहम दस्तावेज जब्त

अभिषेक सिंह/ झांसी: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में अवैध खनन और बेनामी संपत्तियों के खिलाफ चल रही केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। झांसी में समाजवादी पार्टी (SP) के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के आवास और उनसे जुड़े विभिन्न ठिकानों पर की गई मैराथन छापेमारी के बाद, ईडी की टीम अपने साथ 10,000 से अधिक महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई है। इस कार्रवाई से क्षेत्रीय राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है।

36 घंटे तक चली सघन छापेमारी

ईडी की दिल्ली और लखनऊ विंग की संयुक्त टीमों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कड़े सुरक्षा घेरे में पूर्व विधायक के सिविल लाइंस स्थित आवास, उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और करीबियों के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला था। यह छापेमारी लगातार 36 घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें डिजिटल लॉकर, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अचल संपत्तियों के कागजातों को खंगाला गया।

जब्त दस्तावेजों में क्या है?

  • सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए 10 हजार से अधिक दस्तावेजों में मुख्य रूप से:
  • * बुंदेलखंड क्षेत्र में हुए बालू और मौरंग के अवैध खनन (Illegal Mining) से जुड़े वित्तीय लेन-देन के लेजर।
  • * शेल कंपनियों (Shell Companies) के माध्यम से पैसे को डायवर्ट करने और ब्लैक मनी को व्हाइट करने के सबूत।
  • * झांसी, लखनऊ और दिल्ली एनसीआर में खरीदी गई दर्जनों बेनामी जमीनों और आलीशान अपार्टमेंट्स की रजिस्ट्रियां शामिल हैं।

जांच में सहयोग का आश्वासन

प्रवर्तन निदेशालय की इस बड़ी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सपा विधायक दीप नारायण सिंह ने मीडिया से कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और उनके पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके सभी व्यवसाय पूरी तरह से वैध हैं और उन्होंने ईडी की टीम को जांच में पूरा सहयोग दिया है और आगे भी देते रहेंगे। हालांकि, ईडी के अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों के प्रारंभिक विश्लेषण के बाद जल्द ही संबंधित आरोपियों को विस्तृत पूछताछ के लिए लखनऊ मुख्यालय तलब किया जाएगा।

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