15 अगस्त से पटरियों पर दौड़ेंगी 10 नई ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेनें, रूट मैप और समय-सारणी तय

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: भारतीय रेलवे (Indian Railways) यात्री सुविधाओं और गति को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रेलवे मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित ‘वंदे भारत स्लीपर’ (Vande Bharat Sleeper) ट्रेनों की शुरुआत को लेकर अपनी अंतिम तैयारियां पूरी कर ली हैं। योजना के अनुसार, आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के ऐतिहासिक अवसर पर देश भर में 10 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इन सभी ट्रेनों के रूट मैप, स्टॉपेज और समय-सारणी (Timetable) को अंतिम रूप दे दिया है।
लंबी दूरी की यात्रा होगी आसान और आरामदायक
वंदे भारत का मौजूदा चेयर-कार संस्करण छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए बेहद सफल रहा है, लेकिन लंबी दूरी के यात्रियों को स्लीपर कोच की कमी खल रही थी। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा और मुंबई-चेन्नई जैसे व्यस्त और लंबे रूट्स पर चलाई जाएंगी। ये ट्रेनें राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) का एक अत्याधुनिक और तेज विकल्प बनेंगी, जिससे यात्रा के समय में भारी कमी आएगी।
हवाई जहाज जैसी सुविधाएं
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंटीरियर विश्वस्तरीय होगा। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए:
* एर्गोनोमिक डिजाइन वाली आरामदायक बर्थ
* बेहतर कुशनिंग और सस्पेंशन जिससे झटके महसूस न हों
* सेंसर आधारित लाइटिंग और आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स
* हर यात्री के लिए अलग चार्जिंग और रीडिंग लाइट
* सुरक्षित और झटकारहित यात्रा के लिए खास कपलर प्रणाली का उपयोग किया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इन ट्रेनों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सभी ट्रेनें स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम ‘कवच’ (Kavach) से लैस होंगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति के लिए टॉक-बैक सिस्टम और हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
15 अगस्त से इन 10 नई स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो यात्रियों को एक विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी।



