मेक इन इंडिया’ को मिली बड़ी कामयाबी: एप्पल (Apple) जल्द ही भारत में करेगा आईपैड प्रो (iPad Pro) का निर्माण

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: भारत दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल को एक और शानदार कामयाबी मिली है। दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी, एप्पल (Apple) ने भारत में अपने विनिर्माण (Manufacturing) पदचिह्न का विस्तार करते हुए जल्द ही देश में अपने प्रीमियम ‘आईपैड प्रो’ (iPad Pro) मॉडल्स का निर्माण शुरू करने की योजना बनाई है। यह कदम चीन पर अपनी निर्भरता कम करने की एप्पल की व्यापक रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आईपैड प्रो का निर्माण क्यों है अहम?
अब तक एप्पल भारत में फॉक्सकॉन (Foxconn), पेगाट्रॉन और टाटा ग्रुप जैसी साझेदार कंपनियों के माध्यम से मुख्य रूप से आईफोन (iPhone) के विभिन्न मॉडल्स की असेंबलिंग कर रहा था। आईपैड प्रो, जो कि एप्पल का सबसे उन्नत, शक्तिशाली और प्रीमियम टैबलेट है, का भारत में निर्माण होना यह दर्शाता है कि भारतीय आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) अब उच्च-तकनीक और जटिल उपकरणों के उत्पादन के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
इस फैसले के प्रमुख प्रभाव:
* चीन से मोहभंग: भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं के कारण एप्पल लगातार अपना उत्पादन चीन से बाहर, विशेषकर भारत और वियतनाम में स्थानांतरित कर रहा है।
* रोजगार सृजन: आईपैड प्रो के निर्माण के लिए नई प्रोडक्शन लाइन्स स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों कुशल और अर्ध-कुशल रोजगार पैदा होंगे।
* निर्यात में उछाल: भारत में बनने वाले ये आईपैड प्रो केवल घरेलू बाजार के लिए नहीं होंगे, बल्कि यहां से पूरी दुनिया में निर्यात किए जाएंगे, जिससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात (Electronics Export) के आंकड़े नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल का यह कदम भारत के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र (Tech Ecosystem) के लिए एक ‘कैटेलिस्ट’ (उत्प्रेरक) का काम करेगा। यह अन्य वैश्विक टेक दिग्गजों को भी अपने हाई-एंड उत्पादों के निर्माण के लिए भारत की ओर आकर्षित करेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलेगी।



