लखनऊ बनेगा नया टेक-सेंटर: अत्याधुनिक आईटी हब को मंजूरी, 10 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (One Trillion Dollar Economy) बनाने के लक्ष्य की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। यूपी कैबिनेट ने राजधानी लखनऊ में एक नया और अत्याधुनिक ‘आईटी हब’ (IT Hub) विकसित करने के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य न केवल राज्य में तकनीकी निवेश को आकर्षित करना है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी पैदा करना है।
क्या है आईटी हब का ब्लूप्रिंट?
सरकार की योजना के अनुसार, यह नया आईटी हब लखनऊ के बाहरी इलाके में कई एकड़ जमीन पर पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। यह हब तीन प्रमुख हिस्सों में बंटा होगा:
1. आईटी पार्क (IT Park): जहां दुनिया की बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां (MNCs) अपने कार्यालय स्थापित कर सकेंगी।
2. इनक्यूबेशन सेंटर (Incubation Center): राज्य के नए स्टार्टअप्स (Startups) और युवा उद्यमियों को समर्थन और फंडिग के लिए एक समर्पित स्पेस।
3. कमर्शियल और आवासीय क्षेत्र: टेक प्रोफेशनल्स के लिए वर्ल्ड-क्लास आवासीय सुविधाएं, मॉल्स और मनोरंजन केंद्र।
रोजगार का बड़ा अवसर
इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं का पलायन (Brain Drain) रुकने की उम्मीद है, जो अक्सर नौकरी की तलाश में बेंगलुरु, पुणे या नोएडा का रुख करते हैं। सरकार का अनुमान है कि इस आईटी हब के पूरी तरह से चालू होने के बाद, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10,000 नए रोजगार का सृजन होगा।
सुविधाएं और रियायतें
इस आईटी हब में कंपनियों को आकर्षित करने के लिए यूपी सरकार नई आईटी नीति के तहत कई रियायतें देने जा रही है। इनमें सस्ती बिजली, स्टाम्प ड्यूटी में छूट और तेज सिंगल-विंडो क्लीयरेंस शामिल हैं।
लखनऊ में इस अत्याधुनिक आईटी हब का निर्माण शहर की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। यह परियोजना लखनऊ को केवल नवाबों के शहर से आगे ले जाकर, उत्तर भारत के एक प्रमुख ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में स्थापित करेगी।



