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रेलवे सुरक्षा में बड़ा कदम: हालिया हादसों के बाद ‘कवच’ प्रणाली के विस्तार के लिए बजट में 20% की बढ़ोतरी

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: हाल के महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुए रेल हादसों ने रेलवे की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इन दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए और यात्री सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। ट्रेन हादसों को रोकने वाली स्वदेशी तकनीक ‘कवच’ (Kavach – Anti Collision System) के तेजी से विस्तार के लिए, रेलवे ने इस वर्ष के सुरक्षा बजट में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

‘कवच’ प्रणाली क्या है और यह कैसे काम करती है?

‘कवच’ भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection) प्रणाली है। यह तकनीक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) और जीपीएस (GPS) का उपयोग करती है। यदि दो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ जाती हैं, या कोई लोको पायलट लाल सिग्नल को पार (Signal Passing at Danger) करता है, तो ‘कवच’ प्रणाली स्वचालित रूप से ट्रेन में ब्रेक लगा देती है, जिससे दुर्घटना टल जाती है।

बजट बढ़ोतरी का सीधा असर

रेलवे सुरक्षा बजट में 20% की इस भारी बढ़ोतरी का सीधा इस्तेमाल ‘कवच’ के बुनियादी ढांचे को तेजी से लागू करने में किया जाएगा।
* नेटवर्क का विस्तार: अब तक यह प्रणाली केवल कुछ हजार किलोमीटर तक सीमित थी, लेकिन नए बजट से इसे दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई जैसे हाई-डेंसिटी नेटवर्क (HDN) पर युद्धस्तर पर लागू किया जाएगा।
* लोकोमोटिव अपग्रेडेशन: देश भर के हजारों रेल इंजनों (Locomotives) में कवच डिवाइस इंस्टॉल किए जाएंगे।
* ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क: सिग्नलों के बीच त्वरित संचार (Fast Communication) स्थापित करने के लिए पटरियों के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम तेज होगा।

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि “यात्रियों की जान की कीमत किसी भी वित्तीय बजट से अधिक है। हमारा लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में भारतीय रेलवे का शत-प्रतिशत नेटवर्क ‘कवच’ के सुरक्षा घेरे में आ जाए।” सरकार के इस कदम से रेल यात्रियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

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