अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में सनसनीखेज खुलासा: शेयर बाजार और सोने में खपाई गई चोरी की रकम

अभिषेक सिंह/ अयोध्या: रामनगरी अयोध्या स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में हुई वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के मामले में पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश में कई चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से की गई पूछताछ और उनके बैंक खातों के फॉरेंसिक ऑडिट से यह साफ हो गया है कि मंदिर के गर्भगृह और दानपात्र से गायब की गई पवित्र धनराशि का उपयोग बेहद शातिर तरीके से वित्तीय बाजारों और कीमती धातुओं में निवेश के लिए किया जा रहा था।
एक किलो सोना गलवाया, सबूत मिटाने की कोशिश
एसआईटी (SIT) के सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपियों ने दान में आए सोने के सिक्कों, आभूषणों और कीमती धातुओं को स्थानीय सुनारों की मदद से अवैध रूप से गलवा दिया था। जांच में पता चला है कि लगभग एक किलोग्राम सोने को बिस्कुट और ईंटों के रूप में बदला गया ताकि उस पर मौजूद मंदिर के आधिकारिक चिह्नों या नक्काशी को पूरी तरह मिटाया जा सके और उसे बाजार में आसानी से बेचा जा सके। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो स्थानीय सर्राफा व्यापारियों को भी हिरासत में लिया है।
करोड़ों की रकम शेयर बाजार और रीयल एस्टेट में ट्रांसफर
चोरी का दायरा केवल सोने तक सीमित नहीं था। बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल ट्रेल की जांच से पता चला है कि दान में आई भारी-भरकम नकद राशि को विभिन्न फर्जी (Shell) बैंक खातों के माध्यम से शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश किया गया था। आरोपियों ने कई नामी कंपनियों के शेयर्स और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में इंट्राडे ट्रेडिंग के जरिए इस पैसे को वैध बनाने का प्रयास किया। इसके अलावा, अयोध्या और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते रीयल एस्टेट मार्केट में बेनामी संपत्तियां खरीदने के लिए भी इस फंड का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सुरक्षा और ऑडिट ग्रिड और सख्त
इस बड़े खुलासे के बाद राम मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और दान प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की है। गर्भगृह और दान काउंटरों पर तैनात कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एआई (AI) सक्षम कैमरे लगाए जा रहे हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि ऑडिट समिति की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे रैकेट में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



