यूपी में युवा उद्यमियों को बड़ी सौगात: योगी कैबिनेट ने नई ‘स्टार्ट-अप नीति’ को दी मंजूरी

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ: उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी उद्यमशीलता और नवाचार हब (Innovation Hub) बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में ‘उत्तर प्रदेश नई स्टार्ट-अप नीति 2026’ को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के टियर-2 और टियर-3 शहरों (छोटे जिलों) के युवाओं में छिपी व्यावसायिक प्रतिभा को निखारना और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए वित्तीय व तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
पूंजी की कमी होगी दूर: 50 लाख रुपये तक की मदद
अब तक युवाओं के सामने नया बिजनेस या स्टार्ट-अप शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा शुरुआती पूंजी (Seed Funding) की आती थी। नई नीति के तहत सरकार ने इस समस्या का व्यावहारिक समाधान निकाला है:
- * सीड कैपिटल: इनोवेटिव आइडिया वाले युवाओं को प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए शुरुआती चरण में आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- * वित्तीय पैकेज: विभिन्न श्रेणियों के तहत स्टार्ट-अप्स को अपना काम बढ़ाने (Scale up) के लिए 50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और रियायती दरों पर ऋण (Loans) उपलब्ध कराया जाएगा।
- * महिला और ग्रामीण उद्यमियों को प्राथमिकता: महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं द्वारा शुरू किए जाने वाले स्टार्टअप्स को 15% अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (Incentive) मिलेगा।
विश्वस्तरीय इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना
नीति के तहत उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों, आईआईटी (IIT) कानपुर, आईआईटी बीएचयू और आईआईएम (IIM) लखनऊ के सहयोग से विश्वस्तरीय इनक्यूबेशन सेंटर्स का जाल बिछाया जाएगा। ये केंद्र नए उद्यमियों को मेंटरशिप (विशेषज्ञों की सलाह), कानूनी सहायता, पेटेंट फाइल करने में मदद और निवेशकों (Angel Investors) से जुड़ने का एक पारदर्शी मंच प्रदान करेंगे।
रोजगार सृजन पर मुख्य फोकस
कैबिनेट बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह नीति केवल नए बिजनेस खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। सरकार डिजिटल गवर्नेंस, एग्रो-टेक, हेल्थ-टेक और फिन-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को विशेष रियायतें देगी, जिससे उत्तर प्रदेश भारत के तकनीकी विकास के इंजन के रूप में स्थापित हो सके।



