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बटलर के बल्ले का कहर, ब्रुक का धमाका; भारत के हाथ लगी करारी हार

इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 से क्लीन स्वीप पूरा कर लिया। आखिरी मुकाबले में जोस बटलर ने विस्फोटक शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने आक्रामक अंदाज में शानदार पारी खेली।

दोनों की दमदार बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने भारत को 56 रन से हराकर पूरी श्रृंखला पर एकतरफा कब्जा जमा लिया। बटलर के 131 रन और ब्रुक के नाबाद 95 रन से इंग्लैंड ने 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया।

बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 201 रन तक ही पहुंच सकी।

© AFP/Getty Images

ईशान किशन ने 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया।

नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही। बीसीसीआई ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था। मैच में बटलर और ब्रुक ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

ब्रुक ने केवल 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जबकि अनुभवी बटलर ने शतक तक पहुंचने के लिए 34 गेंदें लीं और अगले 50 रन केवल 17 गेंदों में पूरे कर दिए। उनकी पारी में 12 चौके और आठ छक्के शामिल रहे। यह बटलर का टी20 क्रिकेट में दूसरा शतक और करियर का सर्वोच्च स्कोर भी रहा।

© Getty Images

अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने फिल साल्ट को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई, लेकिन इसके बाद मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया।

बटलर और ब्रुक ने भारतीय गेंदबाजों पर ऐसा प्रहार किया कि दोनों ने मिलकर 16 छक्के लगाए—आठ-आठ छक्के। वहीं पूरी भारतीय टीम मिलकर केवल आठ छक्के लगा सकी। यही दोनों टीमों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर साबित हुआ।

बटलर का प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर फाइन लेग के ऊपर से लगाया गया छक्का, जिसमें उन्होंने शॉट के दौरान अपने ऊपरी हाथ को बल्ले से हटा लिया था, पारी का सबसे शानदार शॉट माना गया। इससे पहले उन्होंने इसी गेंदबाज को लॉन्ग ऑन के ऊपर से भी छक्का लगाया।

ब्रुक ने अक्षर पटेल के खिलाफ शानदार फुटवर्क दिखाया। उन्होंने दसवें ओवर में आगे निकलकर दो छक्के लगाए और उस ओवर में 25 रन बटोरे। इसके बाद भारतीय गेंदबाजी की लय पूरी तरह टूट गई। अक्षर ने चार ओवर में 63 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं किया।

प्रिंस यादव ने चार ओवर में 60 रन दिए। ब्रुक ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपनी तकनीक और नियंत्रण का बेहतरीन प्रदर्शन किया। फुल लेंथ गेंदों पर सीधे शॉट लगाए, जबकि छोटी गेंदों पर जगह बनाकर एक्स्ट्रा कवर और लॉन्ग ऑफ के ऊपर से रन बटोरे।

चोट के कारण हर्षित राणा के दौरे से बाहर होने के बाद टीम प्रबंधन को सूर्यांश शेडगे को मौका देना पड़ा, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए अभी पूरी तरह तैयार नजर नहीं आए। उन्होंने तीन ओवर में 39 रन दिए और अपने तीसरे ओवर में 24 रन लुटा दिए। प्रिंस यादव के अगले ओवर में भी इंग्लैंड ने 21 रन बटोरे। एक समय भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर बाउंड्री के पास खड़े बेबस दिखे।

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