‘सपा का मतलब सिर्फ सैफई का विकास’, हाथरस में अखिलेश यादव पर बरसे सीएम योगी, बोले- ‘राम लाल का दर्शन कीजिए, सदबुद्धि आएगी’

हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हाथरस पहुंचे। यहां उन्होंने जिले के सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में कुछ समय के लिए एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 548 करोड़ रुपये की 143 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। साथ ही, सलेमपुर में जनसभा स्थल के पास लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया।
सीएम योगी ने अपने भाषण की शुरुआत सियावर रामचंद्र भगवान, पवनसुत हनुमान, कृष्ण कन्हैया, बलदाऊजी महाराज और बांके विहारी जी की जयकारे के साथ की। उन्होंने काका हाथरसी को भी याद किया और हींग की खुशबू के देश-विदेश में परचम लहराने का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि मैं यहां तीनों विधानसभाओं के लिए विकास की अनेक परियोजनाओं का उपहार लेकर आया हूं, जिसके लिए आप सभी को बधाई देता हूं। योगी ने कहा, “विकास तभी संभव है जब सुरक्षा का माहौल अच्छा हो। जहां दंगा-फसाद, उपद्रव, कर्फ्यू होता है, वहां विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती।”
सीएम ने कहा, “2017 से पहले प्रदेश में दंगे-फसाद का दौर था। मथुरा में जवाहर बाग की घटना, कोसी के दंगे, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे होते थे। उस समय व्यापार ठप हो जाता था, जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता था, और प्रदेश बदनाम होता था। लेकिन पिछले नौ वर्षों में ऐसा नहीं हुआ है। अभी ही मुहर्रम का त्योहार शांति से संपन्न हुआ। इस बार ताजियों का आकार छोटा कर दिया गया, और कहीं भी छज्जा नहीं टूटा। किसी भी जगह से हाईटेंशन तार नहीं हटाए गए। 12 हजार से अधिक जुलूस निकले, और न कहीं दंगा हुआ, न कर्फ्यू लगाना पड़ा। यह सब विकास और शांति का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा, “अब ताजियों का आकार छोटा करना पड़ेगा। इस बार कोई छज्जा नहीं टूटा, और न ही हाईटेंशन तार हटाने की जरूरत पड़ी। पहले घरों में घुसकर ढोल की आवाज से तमाशा बनाते थे, अब वह सब खत्म हो चुका है। यह बहुत ही सुखद बदलाव है, जिससे विकास संभव होता है।”
योगी ने कहा कि हाथरस भी अब विकास से वंचित नहीं रहा है। यहां का औद्योगिक क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। बरेली, मथुरा से जुड़ा यह क्षेत्र अब उद्यमों के लिए आकर्षक हो रहा है। प्रोसेसिंग सेंटर लगाए जा रहे हैं, जिससे आलू किसानों का विकास होगा और कोल्ड स्टोरेज की समस्या दूर होगी। किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और खर्चे में कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि आगरा में अंतरराष्ट्रीय पोटेटो सेंटर स्वीकृत किया गया है, और वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय सैन्य संस्थान का निर्माण हो रहा है। इससे अच्छी वैरायटी के बीज का उत्पादन संभव होगा, जो फसलों की गुणवत्ता और मात्रा दोनों को बढ़ावा देगा।
मंच से सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैं अखिलेश जी का बयान पढ़ रहा था, जिसमें कहा था कि उनकी सरकार आएगी तो धर्मनगरी बनाएगी। लेकिन आपकी सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाई, कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई, जेल और थानों में जन्माष्टमी के कार्यक्रम रुकवाए। आपकी सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री पर जाता था, जबकि हम मंदिरों में दे रहे हैं। आप राम मंदिर की चिंता नहीं कर रहे, बल्कि उसे संवारने का काम कर रहे हैं।”
योगी ने कहा, “अखिलेश जी, आप राम लला के दर्शन कीजिए, कृष्ण जन्मभूमि पर बोलिए। एक बार खुलकर इस विषय पर बात कीजिए। कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के अभियान में भाग लीजिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी का मोहताज नहीं है। ये दोनों ही बातें दोहरे चाल चलने वालों की पहचान हैं।”
सीएम ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। कहा, “25 जून 1975 को भारत के संविधान का गला दबाने का काम कांग्रेस ने किया था। कांग्रेस के पाप में सपा भागीदार बनी। कांग्रेस ने सभी विपक्षी नेताओं को बंद कर दिया था, ताकि वे जनता के साथ सड़क पर न उतर सकें। उस समय मुलायम सिंह यादव समेत अटल जी, राजनारायण जी, लालू यादव और अन्य नेताओं को जेल में डाला गया। उस दौरान सरकार ने इन नेताओं का अपमान किया और उन्हें दबाने का प्रयास किया। उस मुलायम सिंह यादव को भी जब केंद्र सरकार ने बंद किया, तो सपा ने उसकी बात का भी अपमान किया।”
उन्होंने कहा, “सपा की सरकार में विकास का मतलब केवल सैफई का विकास था। लेकिन अब, डबल इंजन की सरकार में 75 जिलों का समग्र विकास हो रहा है। हमने तुष्टीकरण की नीति पूरी तरह से खारिज की है। अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की संतुष्टि ही हमारा लक्ष्य है। यही हमारी प्राथमिकता है।”
सीएम योगी ने कहा कि बस स्टैंड और मेडिकल कॉलेज जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने 23 जून को आने का वादा भी किया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण वह नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के लिए नए उद्यम स्थापित करने के लिए योजनाएं चला रही है, और आलू किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इस तरह, विकास की प्रक्रिया बिना रुके आगे बढ़ेगी।



