MSME दिवस 2026: ‘उद्यमी भारत’ कार्यक्रम में गूंजा आत्मनिर्भरता का मंत्र, छोटे उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

पल्लवी श्रीवास्तव | नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सम्मानित करने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज राजधानी नई दिल्ली में ‘MSME दिवस 2026’ भव्य रूप से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित ‘उद्यमी भारत’ (Udyami Bharat) कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन कर रहे हैं।
आर्थिक विकास का इंजन हैं MSME
‘उद्यमी भारत’ कार्यक्रम में देश भर से आए हजारों उद्यमियों, कारीगरों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि MSME सेक्टर केवल रोजगार सृजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का सबसे मजबूत इंजन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और गुणवत्ता के दम पर भारतीय MSME अब ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन रहे हैं।
नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ
इस विशेष अवसर पर सरकार की ओर से MSME सेक्टर के लिए कई नई पहलों और क्रेडिट सपोर्ट योजनाओं का भी ऐलान किया गया। ‘उद्यमी भारत’ का लक्ष्य छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी के लोन उपलब्ध कराना, उन्हें डिजिटल कॉमर्स (ONDC आदि) से जोड़ना और उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।
इस आयोजन के जरिए सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘लोकल फॉर वॉयल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना हमारे सूक्ष्म और लघु उद्यमियों की प्रगति के बिना अधूरा है। यह दिन उन करोड़ों अनाम कामगारों और उद्यमियों को समर्पित है, जो अपनी दिन-रात की मेहनत से देश की जीडीपी को नई ऊंचाई दे रहे हैं।



