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3 साल की ‘आजादी’ के लिए मंगेतर की बेरहम हत्या : लोहागढ़ किले का खौफनाक सच, प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को खाई में धकेला!

पुणे। केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि सिया गोयल ने शायद अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या इसलिए की ताकि उसे तीन साल की आजादी मिल सके।

 

सूत्रों के अनुसार, सिया के प्रेमी चेतन चौधरी ने उससे शादी के लिए कम से कम तीन साल इंतजार करने को कहा था, क्योंकि वह अपने करियर में स्थिर होना चाहता था। लेकिन सिया की शादी पहले ही तय हो चुकी थी और वह नवंबर में होनी थी।

 

सिया और चेतन की मिलीभगत से उन्होंने केतन को पुणे के पास लोहागढ़ किले की एक घाटी में धकेलने की योजना बनाई। उनका मानना था कि परिवार में शोक के कारण अगले कुछ सालों तक सिया की शादी की बात नहीं होगी और उसे आजादी से जीने का मौका मिलेगा। इसके बाद, दोनों ने एक-दूसरे से शादी कर ली।

 

जानकारी के मुताबिक, फरवरी में ही सिया और चेतन ने केतन की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दी थी। उन्होंने अपने मोबाइल पर गूगल पर हत्या के तरीके खोजे और हत्या की योजना बनाई। साथ ही, उन्होंने किले का दौरा भी किया, ताकि हत्या के दौरान किसी शक से बच सकें। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों ने अपने फोन की चैट हिस्ट्री और रीसायकल बिन को पूरी तरह मिटा दिया था। अभी इन चैट्स के लॉग्स फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

 

14 जून को, सिया ने केतन को किले पर ले जाकर उसे धक्का दे दिया। लेकिन केतन बच गया क्योंकि वह एक झाड़ी पकड़कर खड़ा रहा। सिया ने उस समय सांप दिखाने का नाटक किया और सबका ध्यान भटकाया। फिर, उसने केतन को फिर से किले पर आने को मना लिया। इस बार, दोनों ने मिलकर केतन को पीछे से खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

 

इसके बाद, सिया ने इस घटना को इस तरह से अंजाम दिया जैसे कि वह सब कुछ सामान्य हो। उसने फिर से केतन को साथ लेकर उसी जगह पर ले गई और हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले में जांच जारी रखी है, और मोबाइल फोरेंसिक लैब से मिले डेटा के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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