भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 682.2 अरब डॉलर के बेहद मजबूत स्तर पर : आरबीआई

नई दिल्ली ( पल्लवी श्रीवास्तव) : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। उन्होंने बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 682.2 अरब डॉलर के बेहद मजबूत स्तर पर पहुंच चुका है, जो बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है।
आरबीआई गवर्नर के अनुसार, मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 11 महीने के आयात को कवर करने में सक्षम है और यह देश के बाह्य ऋण का 89 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कवर करता है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार की यह स्थिति भारत की आर्थिक मजबूती और वित्तीय स्थिरता को दर्शाती है।
अपनी बहुप्रतीक्षित मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान संजय मल्होत्रा ने कहा, “भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 682.2 अरब डॉलर के बेहद मजबूत स्तर पर है। यह भंडार पर्याप्तता के मानक मापदंडों के अनुसार पर्याप्त है, जिसमें लगभग 11 महीने का आयात कवर और 89 प्रतिशत से अधिक का बाह्य ऋण कवर शामिल है।”
यह भी स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) द्वारा लिए जाने वाले बाहरी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) को प्रोत्साहित करने के लिए 13 सितंबर 2026 तक रियायती विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इससे विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा और कंपनियों को कम लागत पर फंड जुटाने में मदद मिलेगी।



