छात्रों को बड़ी राहत: नीट पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेगी बिहार सरकार, जेल में बंद युवा होंगे रिहा

अभिषेक सिंह / पटना: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ बिहार में हुए उग्र प्रदर्शनों के मामले में राज्य सरकार ने एक बड़ा और छात्रों के हित में फैसला लिया है। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि नीट पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों (FIRs) को वापस लिया जाएगा। इसके साथ ही, जिन युवाओं को प्रदर्शन के दौरान शांति भंग करने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उन्हें भी तुरंत रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ज्ञात हो कि नीट परीक्षा परिणाम आने के बाद, पेपर लीक के सुराग सबसे पहले बिहार की राजधानी पटना से ही मिले थे। इसके बाद, पटना सहित राज्य के कई अन्य जिलों में मेडिकल अभ्यर्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। डाक बंगला चौराहा और अन्य प्रमुख स्थानों पर हुए इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़पें हुई थीं, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और कई छात्रों को हिरासत में ले लिया था।
राज्य सरकार का यह कदम विपक्ष (विशेषकर राजद) के लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव और छात्र संगठनों की मांगों के बाद उठाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार युवाओं के बीच अपने खिलाफ पनप रहे असंतोष को शांत करना चाहती है। शिक्षाविदों और छात्रों के अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका तर्क था कि अपने भविष्य को लेकर चिंतित और न्याय की मांग कर रहे युवा छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए और पुलिस केस दर्ज होने से उनका पूरा करियर बर्बाद हो सकता था। इस फैसले से राज्य के हज़ारों मेडिकल अभ्यर्थियों को बड़ी मानसिक राहत मिली है।



