नेपाल पहुंची भारत की पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालवाहक रेलगाड़ी

नई दिल्ली ( विवेक ओझा) : भारत की पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालवाहक रेलगाड़ी नेपाल पहुंच गई है। इससे रेल आधारित सीमा पार माल ढुलाई में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। रेल मंत्रालय ने बताया कि कैनोला की खेप ले जा रही 40 वैगनों वाली इस रेलगाड़ी ने संशोधित भारत-नेपाल रेल पारगमन प्रोटोकॉल के तहत अपनी यात्रा पूरी की।

इस सफल संचालन से कोलकाता बंदरगाह से बिराटनगर तक कंटेनरीकृत माल की सीधी रेल ढुलाई संभव हो गई है, जिसमें सीमा पर माल का स्थानांतरण नहीं होगा। इस नई व्यवस्था से पारगमन समय, लॉजिस्टिक्स लागत और माल प्रबंधन में कमी आने की उम्मीद है। इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार व्यापार की दक्षता, विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा।

मंत्रालय ने कहा कि सीधी माल ढुलाई सेवा से आयात और निर्यात माल की आवाजाही को भी काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह सेवा परिवहन का एक तेज, अधिक सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल तरीका प्रदान करती है।

मंत्रालय ने कहा कि कई अलग-अलग स्थानों पर माल के हस्तांतरण की समस्या को कम करके और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार करके, यह पहल निर्यातकों, आयातकों, लॉजिस्टिक्स संचालकों और सीमा पार व्यापार में लगे उद्योगों को लाभ पहुंचाएगी।

वर्ष 2026 में भारत और नेपाल के बीच प्रमुख आर्थिक और व्यापारिक पहलों में जून 2026 में शुरू किया गया UPI-NPI क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल रेमिटेंस तंत्र, जुलाई 2026 की पहली सीधी वाणिज्यिक कंटेनर मालगाड़ी सेवा, और भारतीय उच्च मूल्य (₹200/₹500) नोटों के उपयोग पर नेपाल की नई नीति शामिल हैं।

6 जून 2026 को भारत के Unified Payments Interface (UPI) और नेपाल के National Payments Interface (NPI) के बीच सीधा रियल-टाइम P2P प्रेषण (रेमिटेंस) तंत्र शुरू हुआ।इससे यात्रियों और व्यापारियों के लिए विनिमय शुल्क और नकदी की जरूरत खत्म हो गई है।

नेपाल की बालेन शाह सरकार ने वर्ष 2026 में सीमावर्ती व्यापार और पर्यटकों को राहत देते हुए 2016 के बाद जारी ₹200 और ₹500 के भारतीय नोटों को ₹25,000 की सीमा तक लाने-ले जाने की मंजूरी दी है।

गौरतलब है कि भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक जुड़ाव और निर्यात उद्देश्य है, हालाँकि नेपाल वर्ष 2024–25 में भारत का 14वाँ सबसे बड़ा निर्यात उद्देश्य बनना अलग है (जो 2014 में 28वें स्थान से बढ़ा है)। नेपाल भारत को खाद्य तेल, चाय, कॉफी और जूट का निर्यात करता है, जबकि पेट्रोलियम उत्पाद, लोहा तथा स्टील, अनाज, वाहन एवं तांबे के लिये भारत पर निर्भर है।

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