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टाटा समूह की भविष्य की उड़ान: FY26 वार्षिक रिपोर्ट जारी, AI, सेमीकंडक्टर, एविएशन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगा मुख्य फोकस

इंडियन व्यू टीम/ मुंबई: भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित कारोबारी घराने ‘टाटा संस’ (Tata Sons) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित वार्षिक रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट ने भारत के भविष्य के तकनीकी और औद्योगिक परिदृश्य की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की है। टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने शेयरधारकों को दिए अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि टाटा समूह का अगला दशक पूरी तरह से भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित होगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, एविएशन (विमानन) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सबसे प्रमुख होंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, टाटा समूह पारंपरिक व्यवसायों (जैसे स्टील और ऑटो) से आगे बढ़कर अब डीप-टेक और डिजिटल ट्रांज़िशन में भारी निवेश कर रहा है। ‘सेमीकंडक्टर’ क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टाटा ने गुजरात के धोलेरा और असम के मोरीगांव में अपने मेगा चिप फैब्रिकेशन (Fab) और असेंबली प्लांट के निर्माण को तेज़ कर दिया है। इसके अलावा, एयर इंडिया (Air India) के कायाकल्प को समूह की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है। नए विमानों की भारी-भरकम डिलीवरी और रूट विस्तार के साथ, टाटा समूह भारतीय विमानन क्षेत्र में पूर्ण प्रभुत्व स्थापित करने की तैयारी में है।

वार्षिक रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि टाटा समूह की सभी कंपनियों (TCS, Tata Motors, Tata Steel आदि) में उत्पादकता और उपभोक्ता अनुभव (Customer Experience) को बेहतर बनाने के लिए जेनरेटिव AI (GenAI) का बड़े पैमाने पर एकीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी सेल निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में भी बड़े पूंजीगत व्यय (CapEx) की रूपरेखा तैयार की गई है। टाटा संस का यह रणनीतिक विजन सीधे तौर पर भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों के साथ मेल खाता है, जो देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद करेगा।

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