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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई धार: निवेश और डेटा सुरक्षा के लिए ‘यूपी नई डेटा नीति’ को हरी झंडी

पल्लवी श्रीवास्तव/  लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के प्रशासनिक और औद्योगिक ढांचे को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने के मिशन पर तेजी से काम कर रही है। राज्य कैबिनेट ने एक दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्ताव को पास करते हुए ‘उत्तर प्रदेश नई डेटा नीति 2026’ (UP Data Policy) को अपनी सैद्धांतिक और आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में बड़े डेटा सेंटर्स (Data Centers) की स्थापना के लिए वैश्विक निवेश को आकर्षित करना और सरकारी व निजी डेटा के प्रबंधन व सुरक्षा को पुख्ता करना है।

डेटा इकोनॉमी का नया केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश

वर्तमान डिजिटल युग में डेटा को ‘नया तेल’ (New Oil) माना जाता है। कंपनियां अपने ऑपरेशंस के लिए सुरक्षित और विशाल डेटा स्टोरेज की तलाश में रहती हैं। नई डेटा नीति के तहत:

  • * नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर अब लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भी मेगा डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे।
  • * इन सेक्टर्स में निवेश करने वाली कंपनियों को स्टांप ड्यूटी में 100% की छूट, रियायती दरों पर भूमि आवंटन और बिजली शुल्क में विशेष छूट दी जाएगी।
  • * सरकार का लक्ष्य इस नीति के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी और घरेलू निवेश आकर्षित करना है।

डेटा संप्रभुता और नागरिक सुरक्षा पर जोर

नीति में आम नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा (Data Privacy) को लेकर कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार के सभी विभागों का डेटा अब एक सुरक्षित ‘क्लाउड आर्किटेक्चर’ पर होस्ट किया जाएगा, जिससे साइबर हमलों (Cyber Attacks) का खतरा न्यूनतम हो सके। साथ ही, डेटा शेयरिंग के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक बिना किसी डेटा लीक के पहुंच सके।

सिंगल-विंडो क्लीयरेंस से काम होगा आसान

डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को प्रशासनिक लालफीताशाही से बचाने के लिए ‘निवेश मित्र’ पोर्टल के माध्यम से सिंगल-विंडो क्लीयरेंस की सुविधा दी जाएगी। पर्यावरण मंजूरी से लेकर बिजली कनेक्शन तक के सभी कार्य एक निश्चित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन पूरे किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति उत्तर प्रदेश को देश की डिजिटल इकोनॉमी का एक प्रमुख फ्रंट-रनर (अग्रणी राज्य) बना देगी।

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