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अंबाला ब्लास्ट केस में NIA का बड़ा एक्शन: पाकिस्तानी आतंकी शहजाद सहित 8 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

विवेक ओझा/ “नई दिल्ली/चंडीगढ़: राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई की है। अंबाला पुलिस स्टेशन के पास हुए आईईडी (IED) ब्लास्ट केस में एनआईए ने अपनी जांच पूरी करते हुए पाकिस्तानी आतंकी शहजाद समेत कुल 8 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में विस्तृत चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट सीमा पार से चल रहे आतंकी नेटवर्क और स्लीपर सेल के काम करने के तरीकों का एक बड़ा पर्दाफाश करती है।

क्या था अंबाला ब्लास्ट मामला?

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले हरियाणा के अंबाला में एक पुलिस स्टेशन के पास एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से विस्फोट किया गया था। हालांकि इस घटना में बड़े जान-माल के नुकसान को टाल दिया गया था, लेकिन विस्फोट की गंभीरता और इसमें इस्तेमाल की गई तकनीक ने खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जांच तुरंत एनआईए को सौंप दी थी।

चार्जशीट में हुए बड़े खुलासे:

एनआईए द्वारा दाखिल हजारों पन्नों की इस चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं:
1. सीमा पार का कनेक्शन: मुख्य आरोपी शहजाद, जो कि पाकिस्तान में बैठा एक कुख्यात आतंकी हैंडलर है, ने इस पूरी साजिश को रचा था। उसने सोशल मीडिया और डार्क वेब के जरिए भारत में मौजूद युवाओं का ब्रेनवाश किया और उन्हें अपने स्लीपर सेल में शामिल किया।
2. ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी: जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि धमाके में इस्तेमाल किया गया आईईडी, आरडीएक्स (RDX), डेटोनेटर्स और विदेशी फंड ड्रोन के माध्यम से पंजाब सीमा के जरिए भारत में गिराए गए थे।
3. स्थानीय मददगारों की भूमिका: चार्जशीट में नामजद अन्य 7 आरोपी भारतीय नागरिक हैं, जिन्होंने फंड्स को ठिकाने लगाने, रेकी करने (स्थान की टोह लेने) और लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने का काम किया।

भविष्य की आतंकी साजिश नाकाम

एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि अंबाला पुलिस स्टेशन केवल एक ‘टेस्ट रन’ था। आतंकियों का असली मकसद भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों और वीवीआईपी (VVIP) काफिलों को निशाना बनाना था। लेकिन समय रहते एजेंसियों की सक्रियता ने इस बड़े मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया।

यह चार्जशीट न केवल आतंकियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब करने के लिए भारत के पास एक और पुख्ता कानूनी दस्तावेज साबित होगी। अदालत जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू करेगी।

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