विंबलडन में पैटन-हेलियोवारा का जलवा, लगातार दूसरी बार बने चैंपियन
ब्रिटेन के हेनरी पैटन और फिनलैंड के हैरी हेलियोवारा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विंबलडन का पुरुष युगल खिताब जीता। फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त इस जोड़ी ने एल साल्वाडोर के मार्सेलो अरेवालो और क्रोएशिया के माते पाविच को सीधे सेटों में 7-6 (7-4), 7-6 (7-3) से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
इस जीत के साथ हेनरी पैटन ओपन एरा में दो बार विंबलडन पुरुष युगल खिताब जीतने वाले पहले ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए। इससे पहले दोनों खिलाड़ियों ने 2024 में भी विंबलडन का खिताब जीता था और 2025 का ऑस्ट्रेलियन ओपन भी अपने नाम किया था।
सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में दोनों जोड़ियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा। पूरे मैच में किसी भी खिलाड़ी को एक भी ब्रेक प्वाइंट नहीं मिला और दोनों सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचे। निर्णायक मौकों पर पैटन और हेलियोवारा ने संयम बनाए रखा और दोनों टाई-ब्रेक जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया। मैच के दूसरे मैच प्वाइंट पर पैटन ने शानदार ऐस लगाकर जीत सुनिश्चित की।

पैटन और हेलियोवारा 2011 में ब्रायन बंधुओं (बॉब और माइक ब्रायन) के बाद विंबलडन पुरुष युगल में लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली जोड़ी बन गई है। ओपन एरा में ऐसा करने वाली यह कुल 11वीं जोड़ी है। जीत के बाद पैटन ने कहा, यह किसी सपने जैसा है। पहली बार खिताब जीतने के बाद हमें नहीं पता था कि दोबारा यह मौका मिलेगा या नहीं। फिर से यहां ट्रॉफी जीतना हमारे लिए बेहद खास है।
वहीं हेलियोवारा ने अपने साथी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पैटन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ डबल्स पार्टनर हैं। इस चैंपियन जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। उन्होंने अपने नौ में से आठ टाई-ब्रेक जीते और क्वार्टर फाइनल सहित कई मुकाबलों में निर्णायक सेट में जीत दर्ज की। फाइनल में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी पहली सर्विस पर 91 प्रतिशत अंक जीते और पूरे मैच में विपक्षी जोड़ी को एक भी ब्रेक प्वाइंट का मौका नहीं दिया।



