सिंधु घाटी सभ्यता पर पाकिस्तान के दावे को भारत ने किया खारिज

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : सिंधु घाटी सभ्यता पर पाकिस्तान के दावे को भारत ने किया खारिज, पीओजेके चुनावों को बताया ‘दिखावा’
भारत ने सिंधु घाटी सभ्यता को लेकर पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जो देश दशकों से सीमा पार आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता और हिंसा को बढ़ावा देता रहा है, वह किसी भी बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर दावा नहीं कर सकता। साथ ही भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों को भी दिखावटी प्रक्रिया बताते हुए इसे अपने अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश करार दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह बात कही।

सिंधु घाटी सभ्यता पर पाकिस्तान को जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और उनकी सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे देश का किसी साझा या बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर दावा विश्वसनीय नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों और उनके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के मामले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है और इस तरह के दावे केवल दिखावा हैं। यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के लोगों की पहचान सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारों से जुड़ी हुई है।

पीओजेके चुनावों को बताया अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कराए जा रहे विधानसभा चुनावों की भी आलोचना की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि पीओजेके में कराए जा रहे कथित चुनाव केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध दिखाने और वहां हो रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।

विरोध प्रदर्शनों पर भी उठाए सवाल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पीओजेके में जारी विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की आर्थिक नीतियों, प्रशासनिक दमन और लोगों को मूलभूत अधिकारों से वंचित रखने का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रहे विरोध इसी असंतोष को दर्शाते हैं।

हिंसा और चुनावी गड़बड़ी के आरोप

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पीओजेके में चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसक झड़पें, चुनावी अनियमितताओं के आरोप और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौत की घटनाओं से माहौल तनावपूर्ण बना रहा। वहीं, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के विरोध मार्च के दौरान कई लोगों की मौत और अनेक लोगों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करते हुए दिखाया गया है।

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