6जी में वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत, सिंधिया ने की ‘भारत 6जी एलायंस’ की समीक्षा

नई दिल्ली (राघवेंद्र प्रताप सिंह) : केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘भारत 6जी एलायंस’ (B6GA) की प्रगति की समीक्षा करते हुए भारत को 6जी तकनीक में वैश्विक अग्रणी बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान उन्होंने ‘5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार’ भी प्रदान किए और कार्यकारी समूहों के बीच बेहतर समन्वय, वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रगति तथा स्वदेशी नवाचार को गति देने पर जोर दिया।
2030 तक 6जी में अग्रणी योगदानकर्ता बनने का लक्ष्य
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भारत 6जी विजन’ के तहत 2030 तक 6जी तकनीक के डिजाइन, विकास और कार्यान्वयन में भारत को प्रमुख वैश्विक योगदानकर्ता बनाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। ‘भारत 6जी एलायंस’ स्पेक्ट्रम, तकनीक, एप्लीकेशन, ग्रीन एवं सस्टेनेबिलिटी, डिवाइस एवं विनिर्माण, आउटरीच और 6जी उपयोग मामलों समेत सात कार्यकारी समूहों के माध्यम से काम कर रहा है।
7,700 से अधिक पेटेंट फाइलिंग
बैठक में बताया गया कि एलायंस से जुड़े संगठनों ने 5जी और 6जी तकनीकों से संबंधित 7,700 से अधिक पेटेंट फाइलिंग की हैं, जिनमें 4,400 से अधिक विदेशी फाइलिंग शामिल हैं। वहीं 3जीपीपी में भारतीय भागीदारी 2020 के 717 प्रतिभागियों से बढ़कर 2025 में 1,787 हो गई है, जबकि तकनीकी योगदान 196 से बढ़कर 2,943 तक पहुंच गया है।
वैश्विक मानकीकरण में भारत की भूमिका पर जोर
बैठक में टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (TSDSI) की ओर से 6जी मानकीकरण के प्रयासों की जानकारी दी गई। इस दौरान वैश्विक मानक तय करने की प्रक्रिया में भारत की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और भारतीय तकनीकों व उपयोग मामलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों का हिस्सा बनाने पर बल दिया गया।
स्वदेशी शोध और विनिर्माण को बढ़ावा
चर्चा के दौरान स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास, नए उपयोग मामलों की पहचान, स्पेक्ट्रम रणनीति, ऊर्जा-कुशल तकनीक, घरेलू डिवाइस एवं कंपोनेंट निर्माण तथा संपूर्ण दूरसंचार इकोसिस्टम में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी को भी आवश्यक बताया गया।
आईआईटीडीएम कुर्नूल का शानदार प्रदर्शन
कार्यक्रम में जनवरी-जून 2026 के प्रदर्शन के आधार पर ‘5जी प्रयोगशाला उत्कृष्टता पुरस्कार’ प्रदान किए गए। आईआईटीडीएम कुर्नूल ने सभी चार श्रेणियों में पहला स्थान हासिल किया।



