उच्च शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की पहल: केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने बढ़ाया फंड

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: भारत को वैश्विक शिक्षा का केंद्र (Global Education Hub) बनाने के विजन के साथ, केंद्र सरकार देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के आधुनिकीकरण पर भारी निवेश कर रही है। पीआईबी की नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक भवनों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लासरूम्स और छात्र छात्रावासों के निर्माण और उन्नयन के लिए नई परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है।
उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शोध (Research) और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा पहली शर्त है। इसे ध्यान में रखते हुए, सरकार ‘उच्चतर शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी’ (HEFA) और अन्य अनुदानों के माध्यम से विश्वविद्यालयों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा रही है। विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और चिकित्सा (STEM) के क्षेत्र में रिसर्च लैब्स को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है, ताकि भारतीय छात्र और शोधकर्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
इसके अतिरिक्त, इस बुनियादी ढांचा विकास परियोजना में ई-लर्निंग (e-learning) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है। परिसरों को पूरी तरह से वाई-फाई युक्त (Wi-Fi enabled) बनाने और दिव्यांग छात्रों के लिए परिसरों को ‘बाधा मुक्त’ (Barrier-free) बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, हरित ऊर्जा (Green Energy) को बढ़ावा देने के लिए परिसरों में सोलर पैनल लगाने और पर्यावरण अनुकूल इमारतों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। यह कदम ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने और भारत में ही छात्रों को उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास है।



