असम में बाढ़ से 10 जिलों की 6,54,838 आबादी प्रभावित, चार और शव मिले

गुवाहाटी : असम में आई बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है। बावजूद उसके ऊपरी असम में अभी भी हालात बेहद गंभीर हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 25 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में चार और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस तरह राज्य में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 66 हो गई है। असम में खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियों में दिखौ (शिवसागर) और धनसिरी (नुमलीगढ़) शामिल हैं।
असम कैबिनेट की बैठक में शनिवार रात बाढ़ से निपटने के लिए राहत कार्य में तेजी लाने एवं नुकसान का आकलन करने के कार्य को तेज करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर युद्ध स्तर पर सभी तरह के उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही राज्य के मंत्री एवं विधायक प्रभावित इलाकों में जाकर राहत कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बाढ़ से वर्तमान समय में कुल 10 जिले प्रभावित हुए हैं। इनमें गोलाघाट, चराईदेव, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, शिवसागर, जोरहाट, शोणितपुर, कामरूप (मेट्रो) एवं नगांव जिला शामिल हैं। बाढ़ से 10 जिलों के 28 राजस्व मंडलों के कुल 810 गांव प्रभावित हैं। राज्य की कुल 6,54,838 आबादी एवं 34,970.8 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है। राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कुल 90 राहत शिविर एवं 184 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 274 शिविर स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 18,902 लोग आश्रय लिए हुए हैं। जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 1,23,114 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।
बाढ़ के पानी से 25 जुलाई को बरामद शवों की संख्या चार दर्ज हुई, जिसमें चराईदेव में एक और शिवसागर में तीन शव बरामद हुए। बाढ़ प्रभावित जानवरों की कुल संख्या 4,54,071 दर्ज हुई है, जिसमें बड़े 93,751, छोटे 57,897 एवं मुर्गी-पालन 3,02,423 दर्ज हुए हैं। इस बीच बाढ़ के पानी में कुल 3,021 जानवर बह गए। इनमें चराईदेव जिले में 3,016 एवं जोरहाट जिले के पांच पशु शामिल हैं।
बाढ़ में राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार ने कुल 210 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान 55 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। बाढ़ के पानी में फंसे 13 लोगों को नावों द्वारा निकाला। जबकि नावों से 22 पशुओं का भी रेस्क्यू किया गया।
बाढ़ प्रभावितों के बीच राज्य सरकार की ओर से चावल (क्विंटल में): 1668.682, दाल (क्विंटल में): 286.985, नमक (क्विंटल में): 83,7545, मस्टर्ड ऑयल/सरसों का तेल (लीटर में): 7,995.01 साथ ही पशुओं का चारा – गेंहूं का चोकर (क्विंटल में): 13,254.831 और पशुओं का चारा – चावल का चोकर (क्विंटल में): 5.84 राहत सामग्री बांटी गई।
बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसको लेकर सरकार लगातार समीक्षा बैठक कर रही है। बाढ़ प्रभावित जोरहाट जिले में केंद्रीय राज्य मंत्री पवित्र मार्घेरिटा ने सांसद एवं विधायकों एवं जिला स्तर के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा लिया।



