यूपी पुलिस का ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’: प्रदेश भर में साइबर ठगों और पेपर सॉल्वर गैंग के खिलाफ एसटीएफ (STF) की ताबड़तोड़ छापेमारी, कई अहम सुराग हाथ लगे

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखनऊ / प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले ‘सॉल्वर गैंग’ और देश भर के निर्दोष लोगों को चूना लगाने वाले डिजिटल साइबर ठगों का नेक्सस तोड़ने के लिए यूपी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ (Operation Trinetra) के तहत अब तक का सबसे बड़ा क्रैकडाउन शुरू किया है। बीती रात एसटीएफ की दर्जनों टीमों ने लखनऊ, प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी और नोएडा में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग के आधा दर्जन से अधिक मास्टरमाइंड्स को गिरफ्तार किया गया है।
डिजिटल उपकरण और फर्जी एडमिट कार्ड बरामद
एसटीएफ के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रयागराज और लखनऊ के किराए के मकानों में चल रहे फर्जी कॉल सेंटरों और सॉल्वर हब्स से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इनमें दर्जनों हाई-टेक लैपटॉप, बायोमेट्रिक क्लोनिंग मशीनें, ब्लूटूथ इयरपॉड्स, फर्जी ओएमआर शीट्स और विभिन्न सरकारी परीक्षाओं के कई अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र शामिल हैं। पकड़े गए आरोपी बिहार और हरियाणा के सॉल्वर गैंग्स से भी सीधे जुड़े हुए थे।
नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं से जुड़े तार
पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गैंग टेलीग्राम (Telegram) और डार्क वेब के जरिए हाल ही में आयोजित हुई नीट-यूजी और अन्य राज्यस्तरीय परीक्षाओं के पेपर लीक कराने और मोटी रकम लेकर ‘स्कॉलर’ (डमी कैंडिडेट) बिठाने का काम करता था। एसटीएफ को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई वाट्सएप चैट्स और बैंक ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं, जिनकी मदद से इस सिंडिकेट में शामिल बड़े सफेदपोशों (White-collar criminals) की पहचान की जा रही है।
कड़े कानूनों के तहत होगी कार्रवाई
यूपी एसटीएफ प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और राज्य के कड़े ‘एंटी-पेपर लीक कानून’ के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनकी अवैध संपत्तियों को कुर्क कर गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ की इस सफलता से शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।



