ईरान पर लगातार 13वीं रात अमेरिका का हमला, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना: सेंटकॉम

नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि उसने लगातार 13 वें दिन ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमलों का एक नया दौर शुरू किया। यह तेहरान के खिलाफ वाशिंगटन द्वारा हमलों की लगातार 13वीं रात रही।
एक्स पर एक पोस्ट में सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरों को कम करने के लिए किए गए हैं। सेंटकॉम ने कहा, ‘अमेरिकी सेना ने आज शाम 6:45 बजे पर ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमलों की एक और रात शुरू की। यह हमलों की लगातार 13वीं रात है जिसका मकसद ईरान को जिम्मेदार ठहराना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कमर्शियल शिपिंग के लिए खतरों को कम करना है।
इससे पहले भी सेंटकॉम ने दावा किया था कि नौ दिन पहले ईरान के खिलाफ नेवल ब्लॉकेड फिर से शुरू करने के बाद से उसने 12 सर्जिकल जहाजों को दूसरी तरफ मोड़ दिया है और 1 को बंद कर दिया, ताकि जहाज ईरानी पोर्ट या तटीय क्षेत्रों में न पहुंचे और न निकल सके।
ताजा हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करने के कुछ देर बाद किये गए। इसमें कहा गया कि जहाजों और कार्गो को हुए किसी भी नुकसान का पेमेंट वाशिंगटन के कब्जे और कंट्रोल में मौजूद ईरानी पैसे से किया जाएगा। इसे ‘सही और बराबर’ कदम बताया।
ये नुकसान बहुत ज़्यादा हो सकते हैं, लेकिन फिर भी, यह सही और बराबर का काम है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!’ इस बीच गुरुवार को पहले उन्होंने यह बात दोहराई कि तेहरान को न्यूक्लियर हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जा सकती और वाशिंगटन बहुत अच्छा कर रहा है, जबकि दोनों प्रवासियों के बीच लड़ाई जारी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हम ईरान के खिलाफ बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे कुछ करना चाहेंगे, लेकिन मैं कहता हूँ कि वे अभी तैयार नहीं हैं। उन्हें और भी कुछ चाहिए। उनके कुछ बुरे इरादे हैं। हम उन्हें न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दे सकते। झिंजियांग ने कहा कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने के बारे में सोचने की भी इजाजत नहीं दी जा सकती।
उन्होंने आगे कहा, ‘हम उन्हें न्यूक्लियर हथियार रखने के बारे में सोचने की भी नहीं दे सकते और ठीक यही हो रहा है। उनके पास कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं होगा। यह दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति या दूसरे देशों को करना चाहिए था। यह हमें करने की जरूरत नहीं थी, लेकिन अगर हम नहीं करेंगे तो कोई और नहीं करेगा।



