सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर केस

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : भोजपुर जिले में शाहपुर के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत भूषण तिवारी की पुलिस की गोली से मौत के बाद से हंगामा मचा हुआ है। इस मसले पर सियासत भी जमकर हो रही है और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी दलों ने इसे फर्जी मुठभेड़ कहा है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट की चौखट तक जा पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की गई है और इस मुठभेड़ को फर्जी भी बताया गया है। यहां आपको बता दें कि इस मामले में सम्राट चौधरी सरकार ने पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।
बताया जा रहा है कि भरत भूषण तिवारी हत्याकांड मामले में अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सर्वोच्च अदालत में एक जनहित याचिका लगाई है। इस याचिका में एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए अदालत से गुहार लगाई गई है कि वो इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश जारी करे।
अदालत में याचिका के जरिए कहा गया है कि इस तरह के मामलों में कानून के शासन और लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिका में यह भी गुहार लगाई गई है कि इस पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में कराई जाए।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने रविवार को भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मार गये भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात के बाद कहा कि इस घटना की जांच विधानसभा की सर्वदलीय समिति से कराई जाए। राजेश राम ने परिजनों से मिलने के बाद कहा कि भरत तिवारी की हत्या अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने एक संगठित सुपारी किलर गिरोह की तरह काम किया है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी एक सामाजिक कार्यकर्ता थे, जो समाज के दबे-कुचले और वंचित लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते थे। इसी कारण वह सरकार की आंखों की किरकिरी बन गए थे।
जनसुराज ने निकाली कैंडल मार्च :
भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के विरोध में जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना में कारगिल चौक पर रविवार को प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। मनोज भारती ने इस दौरान संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि इस मार्च का उद्देश्य पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग को मजबूत करना तथा समाज में शांति और एकजुटता का संदेश देना है।



