सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हौज खास डियर पार्क से वन्यजीव अभ्यारण्यों में शिफ्ट किए जाएंगें हिरण

सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल 2026 को एक अहम फैसले में दिल्ली के हौज खास स्थित ए एन झा डियर पार्क से हिरणों को समयबद्ध तरीके से वन्यजीव अभयारण्यों में भेजने का आदेश दिया।
अदालत ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की सिफारिशों को पूरी तरह स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि पार्क में अधिकतम 38 हिरण ही रखे जा सकते हैं, जबकि बाकी को उपयुक्त प्राकृतिक आवासों में स्थानांतरित किया जाएगा।
कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वन्यजीवों को पिंजरों या सीमित बाड़ों में रखना सामान्य स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को भी बरकरार रखा। साथ ही दिल्ली विकास प्राधिकरण को हिरणों की देखभाल के लिए बेहतर ढांचा, संसाधन और प्रशिक्षित स्टाफ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डियर पार्क के “संरक्षित वन” के दर्जे को बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय को सीईसी द्वारा तैयार वैज्ञानिक दिशानिर्देशों को छह महीने में लागू करने और उन्हें कानूनी दर्जा देने पर विचार करने को कहा। सीईसी की रिपोर्ट में हिरणों की अनियंत्रित बढ़ती संख्या और प्रबंधन में कमी को स्थानांतरण का मुख्य कारण बताया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी 2027 को होगी।



