भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत संस्कृति कार्य समूह की पहली बैठक नई दिल्ली में हुई संपन्न

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आयोजित संस्कृति कार्य समूह की पहली बैठक आज नई दिल्ली में संपन्न हुई। संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ब्रिक्स के सदस्य देशों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और अन्य अधिकारियों ने किया।
संस्कृति मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता सांस्कृतिक आदान-प्रदान, जन-जन के बीच संबंधों और रणनीतिक सहयोग पर बल देती है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार सदस्य देशों के बीच साझा विरासत और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा दे रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय है ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण’।
एशिया की आर्थिक व्यवस्था में ब्रिक्स की भूमिका:
ब्रिक्स की महत्ता यह है कि दुनिया की 42 प्रतिशत आबादी ब्रिक्स देशों में निवास करती है। वैश्विक जीडीपी में इसका शेयर 23 प्रतिशत है और वैश्विक व्यापार में इसकी 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है । ब्रिक्स देशों का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद 26 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का है । ब्रिक्स का एक बड़ा महत्व उसके न्यू डेवलपमेंट बैंक और उसके द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं से पता चलता है । 100 बिलियन डॉलर वाले इस बैंक से ब्रिक्स देशों में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है । इस बैंक ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस से भी समझौता भी किया है। ब्रिक्स के ही बैनर तले 100 बिलियन डॉलर वाले कंटिंजेन्ट रिजर्व अरेंजमेंट के जरिए ब्रिक्स देशों में किसी भी भुगतान संतुलन संकट , तरलता संकट यानि मुद्रास्फीति और अवस्फीति जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वित्तीय मदद देने का इंतजाम किया गया है।t



