विपक्ष की नई घेरेबंदी: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए फिर आएगा नोटिस, TMC ने संभाली कमान; जानें क्या है पूरा प्लान

नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के मुद्दे पर छिड़ी सियासी जंग के बीच अब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच एक नया मोर्चा खुलने जा रहा है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) ने अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दल उन्हें पद से हटाने के लिए संसद में एक नया नोटिस लाने पर विचार कर रहे हैं। इस कदम ने राजधानी की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है।
पुराने नोटिस की कमियों को दूर करने की तैयारी
यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाने पर लिया हो। इससे पहले भी विपक्ष की ओर से एक नोटिस दिया गया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था। उस समय नोटिस खारिज करते हुए यह तर्क दिया गया था कि विपक्ष ने ‘कदाचार’ के कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। अब विपक्ष उन तमाम तकनीकी कमियों को दूर कर, तथ्यों के साथ नया ड्राफ्ट तैयार कर रहा है।
TMC की सक्रियता और चुनाव आयोग पर सवाल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे अभियान को धार देने में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सबसे आगे है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हुए विवादों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर टीएमसी लगातार हमलावर रही है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और इसी मुद्दे को अब संसद के पटल पर एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में पेश करने की रणनीति बनाई गई है।
विपक्ष की बदली हुई रणनीति और भावी टकराव
संविधान संशोधन विधेयक (परिसीमन और महिला आरक्षण) पर सरकार को घेरने के बाद, विपक्ष अब संस्थाओं की स्वायत्तता को मुख्य मुद्दा बनाना चाहता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह नोटिस दोनों सदनों में एक साथ लाया जाएगा या केवल एक सदन में, लेकिन विपक्षी दलों के बीच इस पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिल सकता है।



