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अखिलेश यादव ने चाय वाले को भेंट किए पीतल के बर्तन: सपा अध्यक्ष की चाय पीते ही एक्शन में आया विभाग, बोले- मेरा घर भी सील कर दो

Lucknow : उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘चाय’ पर चर्चा एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फतेहपुर के उस चाय विक्रेता को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया, जिसकी दुकान पर अखिलेश के जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी की थी। अखिलेश यादव ने चाय दुकानदार शेषमन यादव और उनके बेटे को पीतल के बर्तन भेंट करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और तंज कसते हुए कहा कि अगर एल्युमिनियम के बर्तन गुनाह हैं, तो उनके घर को भी सील कर दिया जाए।

 

एक कप चाय और शुरू हो गई छापेमारी की सियासत

पूरा मामला 20 फरवरी का है, जब अखिलेश यादव फतेहपुर के दौरे पर थे। उन्होंने रास्ते में रुककर शेषमन यादव की दुकान पर चाय पी थी और उसकी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट की थी। फोटो वायरल होने के कुछ ही दिनों बाद खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी लाव-लश्कर के साथ शेषमन की दुकान पर पहुंच गए। विभाग ने एल्युमिनियम के बर्तन में चाय बनाने को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए दुकान सील करने की चेतावनी दी और चाय के सैंपल जांच के लिए भेज दिए।

 

‘जब से भैया आए, तब से जीना मुश्किल कर दिया’

फतेहपुर से सपा कार्यालय पहुंचे चाय विक्रेता शेषमन यादव ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “जब से अखिलेश भैया हमारी दुकान पर आए हैं, तब से प्रशासन हमें परेशान कर रहा है। 16 अप्रैल को फूड सेफ्टी अधिकारी आए और धमकाने लगे कि एल्युमिनियम के बर्तन में चाय क्यों बना रहे हो? हम गरीब लोग हैं, क्या अब सोने-चांदी के बर्तनों में चाय बनाएंगे?” उनके बेटे आर्यन यादव ने भी प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।

 

अखिलेश का पलटवार: ‘मुस्लिम नेता से करवाई गई शिकायत’

सपा कार्यालय में पिता-पुत्र को पीतल के बर्तन सौंपते हुए अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक गरीब चाय वाले को इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि उसने मुझे चाय पिलाई। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “आरोप है कि एल्युमिनियम के बर्तन इस्तेमाल हो रहे थे। मेरे घर में भी एल्युमिनियम के बर्तन हैं, तो क्या सरकार मेरा घर भी सील कर देगी?” उन्होंने यह भी दावा किया कि एक मुस्लिम नेता को आगे कर फर्जी शिकायत करवाई गई ताकि मामले को कानूनी रूप दिया जा सके।

 

‘यही पीडीए है, अब सरकार जाने वाली है’

अखिलेश यादव ने इस पूरी घटना को गरीबों पर अत्याचार करार दिया। उन्होंने कहा कि जो पीड़ित है और गरीब है, वही ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का हिस्सा है और सरकार इन्हीं को निशाना बना रही है। उन्होंने चाय वाले को ढांढस बंधाते हुए कहा, “मत डरिए, अपना काम करिए, बुरे दिन अब जाने वाले हैं।” पीतल के बर्तन भेंट कर अखिलेश ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह अपने समर्थकों और गरीब जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं।

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