11 अप्रैल: इतिहास के गलियारों की घटनाए

भारत के इतिहास में राजनीतिक रूप से 11 अप्रैल के दिन का बहुत महत्व है। इस दिन दो बड़ी राजनीतिक घटनाएं हुईं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 11 अप्रैल के ही दिन दो हिस्सों में बंट गई। एक पार्टी का नाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और दूसरी का नाम भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) रखा गया। देश दुनिया के इतिहास में 11 अप्रैल की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार हैं.
1827 : ज्योतिबा फुले, जिनका जन्म 11 अप्रैल, 1827 को हुआ था, एक अग्रणी समाज सुधारक थे। उन्होंने ब्राह्मणवादी रूढ़िवाद को चुनौती दी और दलितों एवं महिलाओं के अधिकारों के लिये संघर्ष किया। फुले को भारत में सामाजिक न्याय आंदोलनों की नींव रखने का श्रेय दिया जाता है।
1869: महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का जन्म हुआ था।
1887: आज ही के दिन साल 1887 में भारतीय कलाकार जामिनी रॉय का जन्म हुआ था।
1904 : कुंदन लाल सहगल (11 अप्रैल 1904 – 18 जनवरी 1947) भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार और दिग्गज गायक-अभिनेता थे, जिन्हें ‘के.एल. सहगल’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 1930-40 के दशक में हिंदी और बंगाली फिल्मों में अपने भावपूर्ण गायन और अभिनय से जादू बिखेरा।
1919: आज ही के दिन संयुक्त राष्ट्र की विशेष संस्था अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना हुई थी। हालांकि इसका गठन UN से पहले हुआ था लेकिन 1946 में ये UN की प्रमुख विशेषीकृत संस्था बनी थी।
1921: रेडियो पर खेलों की पहली लाइव कमेंट्री का प्रसारण किया गया।
1930: ऋषिकेश में इस्पात की तारों से बना 124 मीटर का झूलने वाला पुल जनता के लिए खोला गया। इसे लक्ष्मण झूला का नाम दिया गया।
1937: भारतीय टेनिस खिलाड़ी रामनाथन कृष्णन का जन्म हुआ था।
1951: थिएटर और टेलीविजन अदाकारा रोहिणी हतंगडी का जन्म हुआ था।
1964: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी दो हिस्सों में विभाजित हो गई थी और कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी का जन्म हुआ था।
1970: अमेरिका का अपोलो 13 अंतरिक्ष यान चंद्र अभियान पर रवाना हुआ था ।
1976: स्टीव वाजनेक का बनाया पहला एपल-1 कंप्यूटर जारी हुआ था।
1983: बेन किंग्सले की फिल्म गांधी को आस्कर अवार्ड मिला था।
1999: अग्नि 2 प्रक्षेपास्त्र ने परीक्षण उड़ान भरी थी।
2010: पोलैंड के राष्ट्रपति लेख काजिंस्की की विमान दुर्घटना में मृत्यु हुई थी।
2011: भारतीय मूल की अमरीकी लेखिका झुंपा लाहिरी को उनकी पहली रचना ‘इंटरप्रेटर ऑफ मैलेडीज़’ के लिए पुलित्ज़र सम्मान मिला था।



