‘पीएम विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) का एक वर्ष पूरा
72 लाख नए युवा औपचारिक कार्यबल में शामिल, रोजगार सृजन में बड़ी छलांग
इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) ने अपनी सफलता का एक वर्ष पूरा कर लिया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के लॉन्च होने के बाद से अब तक 72 लाख से अधिक नए और पहली बार नौकरी पाने वाले (First-time employees) युवा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। यह भारत के ‘औपचारिक कार्यबल’ (Formal Workforce) के विस्तार में एक अभूतपूर्व छलांग है।
अगस्त 2025 में 99,446 करोड़ रुपये के भारी बजट आवंटन के साथ दो साल के लिए शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार उत्पन्न करना है, जिसमें 1.92 करोड़ पहली बार काम करने वाले युवा शामिल होंगे। भारत में हर साल लाखों युवा रोजगार बाजार में आते हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत अनौपचारिक क्षेत्र (Informal sector) में चले जाते थे, जहां उन्हें न पीएफ (PF) मिलता था और न ही कोई पेंशन सुरक्षा। PM-VBRY इसी संरचनात्मक अंतर को पाटने का काम कर रही है।
योजना के तहत एक दोहरी प्रोत्साहन प्रणाली (Two-part incentive framework) लागू की गई है। ‘पार्ट ए’ के तहत, 1 लाख रुपये प्रति माह तक वेतन पाने वाले पहली बार के कर्मचारियों को उनके ईपीएफ (EPF) अंशदान के बराबर अधिकतम ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में सीधे उनके खाते में दी जाती है। वहीं ‘पार्ट बी’ के तहत, रोजगार देने वाले नियोक्ताओं (Employers) को प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए दो साल तक हर महीने ₹3,000 की सब्सिडी दी जा रही है। विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) के लिए यह लाभ चार साल तक के लिए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना न केवल नियोक्ताओं की हायरिंग कॉस्ट (Hiring costs) कम कर रही है, बल्कि युवाओं को वित्तीय साक्षरता (Financial literacy) और अनिवार्य बचत की ओर भी प्रेरित कर रही है। 72 लाख युवाओं का ईपीएफओ (EPFO) से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि भारत तेजी से ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ (Demographic Dividend) का सही लाभ उठाते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।