Trending

सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त की, पीएम मोदी ने बेहतर स्वास्थ्य की कामना की

नई दिल्ली ( इंडियन व्यू टीम) : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कल रात गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो और लेह लद्दाख के शीर्ष निकाय के वरिष्ठ नेता भी अस्पताल में मौजूद थे।

इससे पहले, विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया था। श्री वांगचुक ने कहा कि यह विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद हुआ। उन्होंने सभी से किसी भी प्रकार की हिंसा न होने देने के लिए सतर्क रहने का आग्रह किया।

वांगचुक पिछले महीने की 28 तारीख से शिक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक से अपील की है कि वह डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपने सामान्य वजन को वापस प्राप्त करें। एक सोशल मीडिया संदेश में प्रधानमंत्री ने ईश्‍वर से सोनम वांगचुक के स्‍वस्‍थ्‍य बने रहने की प्रार्थना की है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक की घटना के बाद पिछले ढाई महीने से कई कदम उठाए गए हैं। दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कल रात एक वीडियो संदेश में श्री मोदी ने कहा कि सरकार की मुख्‍य जिम्‍मेदारी यह सुनिश्‍चित करनी थी कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष व्‍यर्थ न जाए और तत्‍काल परिक्षाएं आयोजित करना आवश्‍यक था। उन्‍हांने कहा कि पेपर लीक एक छोटा मुद्दा नहीं है और यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अत्‍यंत पीड़ादायक है।

प्रधानमंत्री ने कल कहा कि उन्‍होंने संबंधित विभागों से फास्‍ट ट्रैक अदालतों के लिए प्रस्‍ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्‍होंने कहा कि विभागों ने निरंतर कार्य किया है और कल देर रात इसका मसौदा प्रस्‍तुत किया है। श्री मोदी ने कहा कि इस मसौदे पर आज मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी। इस मसौदे में फास्‍ट ट्रैक अदालतों की व्‍यवस्‍था और कड़ी सजा का प्रावधान शामिल है। उन्‍होंने कहा कि मंत्रिमंडल के साथि‍यों के सुझाव को शामिल करने के बाद मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सोमवार से संसद का दूसरा सप्‍ताह शुरू होने जा रहा है, ऐसे में सरकार का हर संभव प्रयास रहेगा कि इस विधेयक को पारित किया जाए।

Related Articles

Back to top button