लुसाने डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा का गोल्ड पर कब्जा
नई दिल्ली : एक महीना चोटिल रहने के बाद मैदान पर वापसी करते हुए नीरज चोपड़ा ने 87.66 मीटर दूर भाला फेंक फिर से गोल्ड जीता है। उन्होंने ये कारनामा अपने 5वें प्रयास में किया। यह उनका इस वर्ष का दूसरा और कुल 8वां इंटरनेशनल गोल्ड मेडल है। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग में भी बाजी मारी थी।
ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली 25 साल के नीरज पिछले एक महीने से अपनी चोट से परेशान थे। ट्रेनिंग के दौरान उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आया था, जिस वजह से वह 4 जून को हेंगेलो, नीदरलैंड में एफबीके गेम्स और 13 जून को टूर्कू, फिनलैंड में पावो नूरमी गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

लुसाने डायमंड लीग में नीरज ने शुरुआत फाउल के साथ की थी। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 83.52 तो तीसरे में 85.04 मीटर की दूरी तय की। मगर उनके यह थ्रो गोल्ड मेडल के लिए काफी नहीं थे। जर्मनी के जूलियन वीबर ने 86.20 मीटर के थ्रो के साथ नीरज से आगे चल रहे थे। ज्यादा दूरी तय करने के प्रयास में नीरज ने चौथा थ्रो भी फाउल किया जिस वजह से उन पर दबाव बढ़ गया।
नीरज ने अपने पांचवे अटैंप्ट में 87.66 मीटर दूर भाला फेंक गोल्ड अपने नाम किया। इस थ्रो से वह लीग में भाग ले रहे अन्य एथलीट्स से आगे निकल गए। जूलियन वीबर ने जरूर अपने अंतिम प्रयास में 87.03 की दूसरी तय कर नीरज को टक्कर देने की कोशिश की मगर वह उन्हें पछाड़ नहीं पाए। जर्मनी का यह खिलाड़ी अपने इस थ्रो से दूसरे पायदान पर रहा।
नीरज के आखिरी थ्रो 84.15 मीटर का रहा। बता दें, चेक गणराज्य के याकूब वादलेज्चे इस प्रतियोगिता में तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इस दौरान भी नीरज ने मेहनत करना नहीं छोड़ा। अपनी इंजरी को मात देते हुए उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में जोरदार वापसी करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।



