केरल में कुदरत का कहर: एर्नाकुलम सहित आठ जिलों में रेड अलर्ट जारी
प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तेज किए आपातकालीन उपाय
अभिषेक सिंह/ एर्नाकुलम / तिरुवनंतपुरम: केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) के लगातार आक्रामक बने रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को अपनी चेतावनी को अपडेट करते हुए एर्नाकुलम सहित राज्य के आठ जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ को बढ़ाकर ‘रेड अलर्ट’ (Red Alert) कर दिया है। इस अप्रत्याशित मौसमी बदलाव को देखते हुए राज्य प्रशासन ने आपातकालीन उपायों और राहत कार्यों को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है।
आईएमडी के संशोधित पूर्वानुमान के अनुसार, पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 204 मिलीमीटर से अधिक ‘अत्यधिक भारी बारिश’ (Extreme Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर और अलाप्पुझा के लिए ऑरेंज अलर्ट जबकि तिरुवनंतपुरम और कोल्लम जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त की शुरुआत से ही राज्य के लगभग छह जिलों में सामान्य से तीन गुना अधिक बारिश दर्ज की गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण एर्नाकुलम, कोट्टायम और कोझिकोड के कई निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों (Relief Camps) में स्थानांतरित किया गया है। अचानक आई इस बाढ़ के कारण कई परिवारों के जरूरी दस्तावेज और स्कूली बच्चों की किताबें भी पानी में बह गई हैं या नष्ट हो गई हैं।
राज्य के पर्यटन मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घोषणा की है कि बाढ़ में खो गए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को फिर से जारी करने के लिए विशेष अदालतें (Special Adalats) आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही, प्रभावित छात्रों को सरकार की ओर से नई पाठ्यपुस्तकें और अध्ययन सामग्री मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। राहत और सफाई कार्यों को तेज करने के लिए सरकार ने प्रत्येक वार्ड में सफाई अभियान के लिए ₹25,000 की तत्काल राशि मंजूर की है।
एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है और लोगों को नदियों, तटीय क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य पुलिस और अग्निशमन विभाग की कई टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सभी जिला कलेक्टरों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए हैं।