बिहार के सहरसा में टला बड़ा रेल हादसा
समस्तीपुर-सहरसा MEMU ट्रेन के दो डिब्बों में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे सभी यात्री

इंडियन व्यू टीम/ सहरसा: बिहार में रेलवे के सुरक्षा तंत्र को लेकर उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोमवार, 3 अगस्त 2026 को सहरसा जिले में एक बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते टल गया। समस्तीपुर से सहरसा जा रही मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन नंबर 63344) के दो डिब्बों में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि रेलवे स्टाफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए और कोई जनहानि नहीं हुई।
पूर्व मध्य रेलवे (ECR) की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार तड़के उस समय हुई जब समस्तीपुर-सहरसा मेमू ट्रेन करीब 3:00 बजे सिमरी बख्तियारपुर (Simri Bakhtiyarpur) स्टेशन पर पहुंची थी। ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही, वहां ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर ने ट्रेन के ‘मोटर कोच’ (Motor Coach) से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं।
स्टेशन मास्टर ने बिना समय गंवाए तुरंत खतरे का अलार्म बजाया और इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया। आग तेजी से फैलते हुए दो डिब्बों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत मोर्चा संभाला। यात्रियों को सुरक्षित रूप से डिब्बों से बाहर निकाला गया, जिसके चलते एक बड़ा और जानलेवा हादसा होने से रुक गया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी जांच समिति (High-level Inquiry Committee) का गठन कर दिया है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर लोकल और मेमू ट्रेनों के रखरखाव (Maintenance) और अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Safety Equipment) की स्थिति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।



