आयकर रिटर्न (ITR) फाइलिंग में बना नया रिकॉर्ड: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए दाखिल हुए 5.5 करोड़ से अधिक रिटर्न

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: देश में कर अनुपालन (Tax Compliance) और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। आयकर विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक 5.5 करोड़ (55 मिलियन) से अधिक रिटर्न सफलतापूर्वक दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है, जो देश में औपचारिक अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार को दर्शाता है।
सीबीडीटी (CBDT) के अनुसार, 31 जुलाई के अंतिम दिन ही रिकॉर्ड 65 लाख से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए। ई-फाइलिंग पोर्टल के उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई-संचालित (AI-driven) प्री-फिल्ड फॉर्म्स के कारण इस बार करदाताओं को सर्वर डाउन या तकनीकी रुकावटों जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा। कुल दाखिल रिटर्न में से लगभग 70 प्रतिशत व्यक्तिगत वेतनभोगी (Salaried Individuals) और छोटे कारोबारियों के हैं। इसके अलावा, नए टैक्स स्लैब (New Tax Regime) को चुनने वाले करदाताओं की संख्या में भी 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
वित्त मंत्रालय ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कर आधार (Tax Base) का बढ़ना देश के बुनियादी ढांचे और लोक कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण को मजबूत करेगा। विभाग ने उन करदाताओं से भी अपील की है जो अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं, कि वे विलंबित रिटर्न (Belated ITR) के प्रावधानों के तहत मामूली जुर्माने के साथ जल्द से जल्द अपना रिटर्न दाखिल करें। डिजिटल टैक्स सिस्टम की इस सफलता ने भारत को पारदर्शी कर प्रशासन की दिशा में वैश्विक पटल पर ला खड़ा किया है।



