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दिलीप गावित का गोल्ड, मोहम्मद बासिल का सिल्वर; भारत ने रचा इतिहास

भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में इतिहास रच दिया। दिलीप गावित और मोहम्मद बासिल ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत को ऐतिहासिक डबल पोडियम दिलाया।

दिलीप गावित ने 10.71 सेकेंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी बन गया। वहीं मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकेंड के साथ रजत पदक हासिल किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में अपना सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

टूर्नामेंट में भारत का यह तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू और पैरा शॉटपुट में शर्मिला धनकर भारत को स्वर्ण पदक दिला चुकी हैं। महाराष्ट्र के नासिक जिले के निकट स्थित छोटे से गांव तोरण डोंगरी में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे दिलीप गावित का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बचपन में वह अपने माता-पिता के साथ खेतों में काम करते थे।

@Media_SAI

महज पांच-छह वर्ष की उम्र में पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लग गई। समय पर उचित इलाज नहीं मिलने से चोट गैंगरीन में बदल गई और कोहनी के नीचे से उनका हाथ काटना पड़ा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दिलीप ने हार नहीं मानी और पैरा एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने इसी वर्ष इंडिया ओपन और नई दिल्ली ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीते थे। इसके अलावा 2022 एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा का स्वर्ण पदक भी उनके नाम है।

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ग्लासगो में 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप और मोहम्मद बासिल का शानदार प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ पोडियम पर स्थान बनाकर भारत का गौरव बढ़ाया और राष्ट्रमंडल खेलों में देश के पदकों की संख्या में महत्वपूर्ण इजाफा किया।

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