गिल का जलवा, अक्षर का ऑलराउंड धमाका; भारत ने पहले वनडे में इंग्लैंड को हराया
एजबेस्टन मैदान पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शानदार रिकॉर्ड कायम रखते हुए 80 रन की आकर्षक पारी खेली जिसकी बदौलत भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला में मंगलवार को पहले वनडे में इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर इस दौरे की पहली जीत दर्ज की।
हरफनमौला अक्षर पटेल ने भी बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले चार विकेट लेकर इंग्लैंड को 258 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई और फिर नाबाद 57 रन बनाकर लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए।
जीत के लिए 259 रन का पीछा करते हुए भारत ने 262 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। एक समय टीम का स्कोर 160 रन पर चार विकेट था, लेकिन प्लेयर ऑफ द मैच अक्षर और वाशिंगटन ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 102 रन की साझेदारी कर भारत को आसान जीत दिलाई।

गिल शानदार लय में दिखे और अपनी पारी में 11 चौके तथा एक छक्का लगाया। शतक के करीब पहुंचने से पहले उन्हें पिंडली और मांसपेशियों में ऐंठन के कारण वह रिटायर हर्ट हो गए। इस जीत के साथ भारत ने ब्रिटेन दौरे पर जीत का खाता खोला। इससे पहले टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं में हार का सामना करना पड़ा था।
गिल ने रोहित शर्मा (11) और विराट कोहली (5) के सस्ते में आउट होने के बाद 48 रन पर दो विकेट गंवा चुके भारत के लिए जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने उपकप्तान श्रेयस अय्यर (35) के साथ तीसरे विकेट के लिए 101 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

गिल ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और आकर्षक ऑन-ड्राइव तथा कवर ड्राइव लगाए। जोश टंग की गेंद पर लगाया गया उनका पुल शॉट छक्के के रूप में दर्शनीय रहा। गिल के रिटायर हर्ट होने के बाद मैच कुछ समय के लिए इंग्लैंड की ओर झुकता नजर आया।
श्रेयस अय्यर रन आउट हो गए, जबकि केएल राहुल जोश टंग की तेज गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद अक्षर और वाशिंगटन ने धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी करते हुए किसी भी तरह का दबाव नहीं आने दिया और टीम को जीत तक पहुंचाया।
इससे पहले अनुभवी बल्लेबाज जो रूट और लियाम डॉसन के अर्धशतकों और सातवें विकेट के लिये 121 रन की साझेदारी से इंग्लैंड ने पहले एक दिवसीय मैच में मंगलवार को भारतीय तेज गेंदबाजों के दिये शुरूआती झटकों से उबरते हुए 258 रन बनाये।
टॉस जीत कर बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद इंग्लैंड का स्कोर 13वें ओवर तक बिना किसी नुकसान के 61 रन था। इसके बाद उसने 22वें ओवर तक छह विकेट 107 रन पर गंवा दिये और लग रहा था कि मेजबान टीम 150 रन भी नहीं बना सकेगी।
रूट ने 76 और डॉसन ने 68 रन की पारी खेलकर टीम को संकट से निकाला। रूट ने बुमराह के पहले दो स्पैल खत्म होने का इंतजार किया और बाद में अक्षर पटेल की गेंदों की धुनाई की। बुमराह ने एक विकेट लिया जबकि गुरनूर बरार ने दो विकेट चटकाये। प्रसिद्ध कृष्णा ने भी दो विकेट लिये।
इंग्लैंड ने उछाल और सीम लेती पिच पर बल्लेबाजी का फैसला किया। कार्यभार प्रबंधन से जुड़े छह सप्ताह के ब्रेक के बाद लौटे बुमराह ने पहले स्पैल में चार ओवर में सिर्फ आठ रन दिये। जैकब बेथेल (14 रन) और बेन डकेट (43 रन) उनका सामना नहीं कर सके। उन्होंने अपने स्पैल में 36 डॉट गेंद डाली।
दूसरे छोर से प्रसिद्ध ने भी बेहतर गेंदबाजी की। वहीं डकेट ने बरार के पहले ओवर में 17 रन निकाले। बरार के अगले ओवर में भी दो चज्ञैके लगे लेकिन तीसरे ओवर में उन्होंने तीन गेंद के भीतर दो विकेट लिये। उन्होंने अतिरिक्त उछाल लेती गेंद पर बेथेल को पवेलियन भेजने के बाद डकेट को आउट किया।
डकेट का शानदार कैच थर्डमैन सीमा पर बुमराह ने लपका। बुमराह ने दूसरे स्पैल में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को रवाना किया जिनका कैच पहली स्लिप में रोहित ने लपका। प्रसिद्ध ने जोस बटलर और सैम कुरेन के विकेट लिये । इसके बाद हालांकि रूट और डॉसन ने पारी को संभाला।



