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ड्रग्स और नार्को-टेररिज्म पर केंद्र का ‘जीरो टॉलरेंस’: गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में NCORD की शीर्ष स्तरीय बैठक आज, राज्यों के DGP होंगे शामिल

राघवेंद्र प्रताप सिंह/  नई दिल्ली: देश में मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े नार्को-टेररिज्म (Narco-Terrorism) के बढ़ते खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार आज एक बड़ा महामंथन करने जा रही है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज नई दिल्ली में ‘नार्को-कोऑर्डिनेशन केंद्र’ (NCORD) की शीर्ष स्तरीय (Apex Level) बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक (DGPs), मुख्य सचिव, नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के शीर्ष अधिकारी और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (IB और RAW) के प्रमुख हिस्सा लेंगे।

बैठक का मुख्य एजेंडा: सिंथेटिक ड्रग्स और डार्क वेब

गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष की NCORD बैठक का मुख्य फोकस पारंपरिक मादक पदार्थों (जैसे हेरोइन और कोकीन) से हटकर अब ‘सिंथेटिक ड्रग्स’ और डार्क वेब (Dark Web) के जरिए हो रही ऑनलाइन तस्करी पर रहेगा। तस्कर अब कूरियर कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का उपयोग कर ड्रग्स की होम डिलीवरी कर रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। गृह मंत्री अमित शाह राज्यों की पुलिस को इस नए डिजिटल खतरे से निपटने के लिए एक संयुक्त साइबर-नार्को टास्क फोर्स (Cyber-Narco Task Force) बनाने का निर्देश दे सकते हैं।

राज्यों के बीच समन्वय और खुफिया जानकारी साझा करना

अक्सर देखा गया है कि ड्रग सिंडिकेट एक राज्य से ऑपरेट करते हैं और दूसरे राज्य में सप्लाई करते हैं। इस बैठक में एक नए ‘केंद्रीकृत डेटाबेस’ (Centralized Database) पर चर्चा होगी, जिसमें देश भर के सभी ड्रग पैडलर्स, उनके फाइनेंसरों और सिंडिकेट्स का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस पोर्टल तक सभी राज्यों की पुलिस की सीधी पहुंच होगी। इसके अलावा, पंजाब, गुजरात और पूर्वोत्तर के सीमावर्ती राज्यों में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (Golden Crescent और Golden Triangle) से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए बीएसएफ (BSF) और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल पर भी रणनीति बनाई जाएगी।

संपत्ति जब्ती और सख्त सजा का प्रावधान

बैठक में ‘प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट’ (PITNDPS) के तहत तस्करों पर की गई कार्रवाइयों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र का स्पष्ट निर्देश है कि ड्रग्स माफियाओं को केवल जेल भेजना ही काफी नहीं है, बल्कि अवैध व्यापार से कमाई गई उनकी संपत्तियों को भी तेजी से कुर्क (Attach) किया जाना चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह का यह स्पष्ट विजन है कि भारत को ‘ड्रग-फ्री’ बनाना केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की सबसे बड़ी जरूरत है। आज की बैठक से नार्को-टेररिज्म के खिलाफ देशव्यापी अभियानों में एक नई और आक्रामक तेजी आने की उम्मीद है।

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