मुजफ्फरपुर एके-47 कांड में बड़ा ‘ऑपरेशन क्लीन’: एनआईए (NIA) आज स्थानीय अदालत से हासिल करेगी आरोपितों की संपत्तियों की भौतिक जब्ती का वारंट

अभिषेक सिंह/ मुजफ्फरपुर/पटना: बिहार के अपराध और आर्म्स स्मगलिंग नेटवर्क की कमर तोड़ने के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) अब अपने सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित एके-47 (AK-47) जब्ती और हथियार तस्करी मामले में एनआईए की विशेष टीम आज (8 जुलाई) मुजफ्फरपुर की स्थानीय विशेष एनआईए अदालत से आरोपितों की करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों की ‘भौतिक जब्ती’ (Physical Attachment) का आधिकारिक वारंट हासिल करने जा रही है। वारंट मिलते ही इन संपत्तियों को सरकार के अधीन ले लिया जाएगा।
अवैध कमाई से खड़े किए गए थे साम्राज्य
यह पूरा मामला विदेशी एके-47 राइफलों और हथियारों के एक बड़े जखीरे की बरामदगी से जुड़ा है, जिसके तार अंतरराज्यीय तस्करों और कुछ स्थानीय बाहुबलियों से जुड़े पाए गए थे। एनआईए की सघन वित्तीय जांच (Financial Investigation) में यह साफ हो गया था कि इस मामले के चार प्रमुख आरोपितों ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त, टेरर फंडिंग और रंगदारी से कमाए गए काले धन का इस्तेमाल कर मुजफ्फरपुर, पटना और कुछ अन्य जिलों में भारी संपत्तियां बनाई हैं। इनमें कई आलीशान घर, व्यावसायिक भूखंड और कृषि भूमि शामिल हैं।
भौतिक जब्ती (Physical Attachment) का क्या अर्थ है?
अब तक एनआईए ने केवल कागजों पर इन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज किया था, लेकिन आज वारंट हासिल होने के बाद ‘भौतिक जब्ती’ की कार्रवाई शुरू होगी। इसका मतलब है कि:
* एनआईए की टीम भारी पुलिस बल के साथ इन संपत्तियों पर पहुंचेगी।
* वहां रह रहे लोगों (आरोपितों या उनके परिजनों) को तुरंत परिसर खाली करने का आदेश दिया जाएगा।
* संपत्ति पर सरकारी ताला जड़ा जाएगा और एक बोर्ड लगाया जाएगा कि “यह संपत्ति भारत सरकार (NIA) द्वारा कुर्क कर ली गई है।” इसे बेचा या किराए पर नहीं दिया जा सकेगा।
संगठित अपराध को कड़ा संदेश
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत एनआईए यह सुनिश्चित कर रही है कि आतंकवाद और संगठित अपराध के तंत्र को आर्थिक रूप से पूरी तरह पंगु बना दिया जाए। हथियारों की तस्करी कर बिहार में खून-खराबा फैलाने वाले इन अपराधियों की संपत्तियों की कुर्की राज्य के अन्य माफियाओं और गैंगस्टर्स के लिए भी एक बहुत बड़ा और कड़ा संदेश है। सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है और अदालत से आदेश मिलते ही अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इन संपत्तियों पर बुलडोजर और सरकारी ताले की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।



