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साइबर सुरक्षा पर सरकार का कड़ा प्रहार: ‘यूज़रनेम’ फीचर से बढ़ते फ्रॉड पर व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल को आईटी मंत्रालय का सख्त नोटिस

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल ठगी (Digital Fraud) के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप्लिकेशन्स—व्हाट्सएप (WhatsApp), टेलीग्राम (Telegram), और सिग्नल (Signal)—को एक बेहद कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद ‘यूज़रनेम’ (Username) फीचर के माध्यम से हो रहे भारी वित्तीय धोखाधड़ी और ‘पहचान छिपाने’ (Impersonation) के मामलों के मद्देनजर दिया गया है।

मंत्रालय के साइबर सुरक्षा प्रभाग की हालिया जांच रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था कि जालसाज इन मैसेजिंग ऐप्स के ‘यूज़रनेम’ फीचर का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। इस फीचर के तहत, कोई भी व्यक्ति बिना अपना मोबाइल नंबर दिखाए केवल एक ‘यूज़रनेम’ बनाकर दूसरों से संपर्क कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, स्कैमर्स सरकारी अधिकारियों, पुलिस, बैंक अधिकारियों और यहां तक कि बड़ी कंपनियों के सीईओ के नाम से फर्जी यूज़रनेम बनाकर आम नागरिकों को डरा-धमका कर या लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे हैं।

नोटिस में सरकार ने इन टेक कंपनियों से स्पष्ट शब्दों में पूछा है कि उनके प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट्स की पहचान (Verification) के लिए क्या पुख्ता तंत्र मौजूद है? सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि ये कंपनियां अगले 15 दिनों के भीतर भारतीय यूज़र्स के लिए एक मजबूत ‘यूज़र ऑथेंटिकेशन और रिपोर्टिंग मैकेनिज्म’ (User Authentication Mechanism) पेश नहीं करती हैं, तो भारत में ‘यूज़रनेम’ फीचर को पूरी तरह से प्रतिबंधित (Ban) करने का आदेश पारित किया जा सकता है।

इसके अलावा, सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि साइबर अपराध की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मांगे जाने पर इन प्लेटफॉर्म्स को संदिग्ध अकाउंट्स की ‘मूल जानकारी’ (Origin data) जल्द से जल्द साझा करनी होगी। यह कदम उन लाखों इंटरनेट यूज़र्स के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है, जो आए दिन अनजान और फर्जी यूज़रनेम वाले साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर अपनी जीवन भर की जमापूंजी गंवा बैठते हैं। टेक कंपनियों की ओर से फिलहाल इस नोटिस का अध्ययन किया जा रहा है और जल्द ही उनका आधिकारिक जवाब आने की उम्मीद है।

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