जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड की उच्च स्तरीय समीक्षा, अमरनाथ यात्रा मार्ग पर QR कोड जांच हुई और सख्त

विवेक ओझा/ श्रीनगर/नई दिल्ली: पवित्र अमरनाथ यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा ग्रिड की एक उच्च स्तरीय समीक्षा की है। हाल ही में सीमा पार से घुसपैठ की कुछ छिटपुट कोशिशों और आतंकी खतरों के इनपुट्स को देखते हुए, सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग पर चौकसी को सर्वोच्च स्तर (Highest Alert) पर कर दिया है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों और सेना, सीआरपीएफ, तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस के शीर्ष कमांडरों के बीच हुई इस संयुक्त समीक्षा बैठक में बहु-स्तरीय सुरक्षा ढांचे (Multi-layer security grid) की कमियों का बारीकी से आकलन किया गया। निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार की चूक को रोकने के लिए अब पूरी यात्रा पूरी तरह से तकनीकी निगरानी के अधीन होगी।
इस वर्ष की सुरक्षा व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा ‘क्यूआर कोड’ (QR Code) आधारित पंजीकरण और ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसे अब और भी सख्त कर दिया गया है।
* हर श्रद्धालु को एक विशेष आरएफआईडी (RFID) और क्यूआर कोड टैग पहनना अनिवार्य है।
* बेस कैंप से लेकर पवित्र गुफा तक, हर चेकपॉइंट पर इन टैग्स की स्कैनिंग की जा रही है।
* यदि कोई भी व्यक्ति बिना वैध स्कैनिंग या फर्जी कोड के पाया जाता है, तो उसे तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।
इसके अलावा, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और स्नाइपर्स की टुकड़ियों को संवेदनशील पहाड़ियों पर तैनात किया गया है और ड्रोन के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए तकनीक तथा जमीनी बलों का सर्वश्रेष्ठ उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।



