आरटीआई संशोधनों पर लगी रोक का अन्ना हजारे ने किया स्वागत, स्थायी रूप से वापस लेने की उठाई मांग

पल्लवी श्रीवास्तव/ मुंबई/रालेगण सिद्धि: महाराष्ट्र में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के नियमों में किए गए विवादित बदलावों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा लगाई गई तत्काल रोक का प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने स्वागत किया है। हालांकि, अन्ना हजारे ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यह कदम केवल एक अस्थायी राहत है और सरकार को इन लोकतंत्र विरोधी संशोधनों को स्थायी रूप से निरस्त (Scrap) करना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में महाराष्ट्र प्रशासन ने आरटीआई के तहत जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया को कथित तौर पर जटिल बनाने वाले कुछ नियम लागू किए थे। इसके खिलाफ अन्ना हजारे ने आमरण अनशन की चेतावनी दी थी, जिसके बाद सरकार बैकफुट पर आ गई और मुख्यमंत्री ने नियमों पर रोक लगा दी।
रालेगण सिद्धि स्थित अपने आवास से जारी एक बयान में अन्ना हजारे ने कहा, “सरकार द्वारा रोक लगाना जनता के दबाव और लोकतंत्र की जीत है, लेकिन हमारा संघर्ष तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कि इन काले संशोधनों को पूरी तरह से वापस नहीं लिया जाता। आरटीआई कानून आम आदमी का सबसे बड़ा हथियार है और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत ढाल है। इसे कमजोर करने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार नागरिक संगठनों और आरटीआई कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर इस मुद्दे का स्थायी समाधान नहीं निकालती है, तो वे अपना अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। सरकार के लिए अब यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वह पारदर्शिता के पैरोकारों और प्रशासनिक कामकाज के बीच कैसे संतुलन स्थापित करती है।



