जेपी आंदोलन के हर सेनानी और लोकतंत्र के रक्षक को मिलेगा उचित सम्मान : मुख्यमंत्री

पटना : आपातकाल की घोषणा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को पटना के ज्ञान भवन में ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, लोकतंत्र सेनानियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम विश्व इतिहास में लोकतांत्रिक मूल्यों और जनशक्ति का अद्वितीय उदाहरण रहा है, लेकिन स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश ने एक ऐसा दौर भी देखा जब लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों पर गंभीर संकट उत्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय माना जाता है, क्योंकि उस समय संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले कई निर्णय लिए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता होती है। सरकारें जनता के मत से बनती हैं और इसलिए उनका दायित्व है कि वे जनता के प्रति जवाबदेह रहें। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार की डबल इंजन सरकार जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है तथा आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार गरीबों के उत्थान, महिलाओं के सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने लंबे समय तक गरीबी हटाने के नारे दिए, लेकिन गरीबों के जीवन में अपेक्षित परिवर्तन नहीं ला सकीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने योजनाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा मुफ्त राशन, बिजली, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बिहार में बिजली व्यवस्था में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि आज राज्य के लगभग सभी गांवों और घरों तक बिजली पहुंच चुकी है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने हाल ही में भोजपुर जिले में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही जवाबदेही प्रणाली की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक की शिकायत या आवेदन का 10 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिनों के बाद दूसरा और 25 दिनों के बाद तीसरा नोटिस दिया जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जेपी आंदोलन के सेनानियों, लोकतंत्र रक्षकों और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े लोगों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का स्वागत करते हुए कहा कि उनका बिहार से विशेष जुड़ाव रहा है। छात्र जीवन से ही वे लोकतांत्रिक आंदोलनों में सक्रिय रहे और आपातकाल विरोधी आंदोलन से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग उन्हें अपना मानते हैं और उनका राज्य से आत्मीय संबंध है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, जेपी आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ सेनानी रघुपति जी तथा राजाराम पांडेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण समय बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की गरिमा और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति सदैव सजग रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, लोकतंत्र सेनानी, विद्यार्थी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई तथा आपातकाल के ऐतिहासिक संदर्भों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर बल दिया गया।



