अलीगंज अग्निकांड के बाद : यूपी में ‘अग्निसुरक्षा ऑडिट’ का सरकार ने बनाया मेगा प्लान ; चुनौतियां और जरूरी नियम

लखनऊ। लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत से सबक लेते हुए सरकार ने पूरे प्रदेश में अग्निसुरक्षा ऑडिट आदेश दिया है। सीएम ने साफ किया है कि बेसमेंट में चल रहे कोचिंग व नर्सिंग होम बंद होंगे और सभी व्यावसायिक इमारतों के बिजली लोड की जांच होगी। यह आदेश जितना जरूरी है, जमीन पर इसे लागू करना उतना ही चुनौतीपूर्ण है।
संसाधनों की भारी कमी
उत्तर प्रदेश की 351 तहसीलों में से अभी केवल 296 में ही स्थायी फायर स्टेशन हैं। इतनी बड़ी आबादी और लाखों इमारतों की सघन जांच के लिए पर्याप्त मैनपावर और उपकरणों की कमी सबसे बड़ी बाधा है।
तंग गलियों में अवैध कमर्शियल एक्टिविटी
शहरों के रिहायशी इलाकों की संकरी गलियों में हजारों कोचिंग, अस्पताल और दुकानें चल रही हैं, जहां न तो हवा की निकासी है और न ही आग लगने पर दमकल की गाड़ी अंदर जा सकती है।
बिजली का ओवरलोड
अधिकांश व्यावसायिक भवनों में स्वीकृत लोड से कई गुना ज्यादा बिजली का इस्तेमाल होता है, जिससे शॉर्ट-सर्किट का खतरा हमेशा बना रहता है।
फायर एनओसी देखना आपका अधिकार
अब हर व्यावसायिक इमारत को फायर विभाग से मिली एनओसी को अपने परिसर में साफ तौर पर डिस्प्ले (प्रदर्शित) करना होगा। कहीं भी जाने से पहले इसे जरूर चेक करें।
बेसमेंट पर लगाई गई पाबंदी
सरकार ने बेसमेंट (तहखाने) में कोचिंग संस्थान या नर्सिंग होम चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अपने बच्चों को ऐसे स्थानों पर भेजने से बचें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि चेकिंग के नाम पर किसी भी सीधे-साधे नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। पहले जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, उसके बाद ही कार्रवाई होगी।
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अपनी इमारत का ‘अग्निसुरक्षा ऑडिट’ कैसे कराएं?
यदि आप किसी स्कूल, कोचिंग, अस्पताल या व्यावसायिक भवन के मालिक हैं, तो इन 4 कदमों का पालन करें।
इलेक्ट्रिकल ऑडिट : किसी सर्टिफाइड इंजीनियर से पूरी बिल्डिंग की वायरिंग और लोड की जांच कराएं ताकि शॉर्ट-सर्किट का खतरा न रहे।
सुरक्षा उपकरण लगाएं : बिल्डिंग में पर्याप्त फायर सिलेंडर, स्मोक डिटेक्टर और पानी की पाइप दुरुस्त रखें।
रास्ते साफ रखें : आने-जाने के कम से कम दो रास्ते होने चाहिए। सीढ़ियों या आपातकालीन गेट पर कोई सामान न रखें।
ऑनलाइन आवेदन करें : यूपी फायर सर्विस के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘Fire Safety Audit’ या ‘NOC’ के लिए ऑनलाइन अप्लाई करें। विभाग की टीम आकर जांच करेगी और सब सही पाए जाने पर सर्टिफिकेट देगी।
अलीगंज जैसी दर्दनाक घटनाएं तब तक नहीं रुकेंगी जब तक प्रशासन मुस्तैद न हो और आम जनता जागरूक न हो। अपने बच्चों को कोचिंग या लाइब्रेरी भेजते समय वहां की सुरक्षा व्यवस्था की जांच खुद जरूर करें। क्योंकि सजगता ही सबसे बड़ा बचाव है।



